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छह माह पहले किसान को रुलाने वाला प्याज अब लाएगा खुशियां

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सीकर. शेखावाटी में छह माह पहले खून के आंसू रूलाने वाली प्याज की खेती किसानों के लिए खुशियां लाएगी। वजह शेखावाटी के लिए भावों में तेजी को देखते हुए किसानों ने प्याज की बम्पर बुवाई शुरू कर दी है। सीकर, नागौर व झुंझुनूं जिले में प्याज की अगेती खेती करने वाले किसानों ने 80 फीसदी तक बुवाई कर दी है। शेखावाटी के किसान इस बार प्याज के उत्पादन और अच्छे भावों के मिलने की उम्मीद से प्याज की बुवाई बीते वर्षों की तुलना में अधिक कर रहे हैं। इस साल प्याज के भाव अच्छे मिलने की उम्मीद है। रही सही कसर प्याज के भावों के लगभग स्थिर रहने से हो गई है। ऐसे में हर वर्ग का किसान का रुझान प्याज की खेती की ओर हो रहा है। उद्यान विभाग की माने तो खेतों में किसानों से मिल रहे संकेत बता रहे हैं कि इस बार शेखावाटी के इन तीनों जिलों में सर्दियों के प्याज की बुवाई का क्षेत्रफल देखें तो हर साल यह क्षेत्र 15 से 18 हजार हेक्टेयर के बीच रहा है। जो कि इस बार 25 से 28 हजार हेक्टेयर तक रहने का अनुमान है।
स्टॉकिस्ट निहाल, आम आदमी बेहालमध्यप्रदेश में प्याज की खेती नष्ट होने के बाद देशभर के स्टॉकिस्ट सक्रिय हो गए हैं। प्याज कारोबारियों ने बताया कि इन स्टॉकिस्ट के कारण प्याज की बाजार में कृत्रिम कमी पैदा की जा रही है। जिससे प्याज के भावों में महज 25 दिन में तेजी आ गई है। अचानक आई इस तेजी ने आम आदमी की परेशानी बढ़ा दी है। जबकि इस समय श्राद्ध पक्ष चल रहा है लेकिन स्टॉकिस्ट फसल के खराब होने का हवाला देकर मंडियों में प्याज कम मात्रा में ही भेज रहे हैं। इस कारण प्याज के दामों में तेजी आ गई है। हाल यह हो गया कि भावों में आई तेजी के कारण दिल्ली में सरकार ने सेलिंग प्वाइंट बनाकर 22 रुपए प्रति किलो के हिसाब से प्याज बेचना शुरू कर दिया है।
पिछले सालों में उत्पादन बढ़ा लेकिन भाव नहीं
शेखावाटी में प्याज के लिए अनुकूल वातावरण मिलने के कारण प्याज का उत्पादन तो बढ़ा है लेकिन प्याज के भाव हमेशा स्टॉकिस्ट या व्यापारियों के मनमर्जी पर टिके रहे। प्याज के ऊंचे भावों की आस में किसानों की ओर से प्याज की फसल की बुवाई की थी, जिसका परिणाम यह हुआ कि प्याज का उत्पादन एक दम बढ़ गए और उसके भाव औंधे मुंह गिर गए। जिससे किसानों के प्याज की लागत तक भी नहीं निकल पाई। इसके बाद किसानों ने प्याज की बुवाई को एकदम कम कर दिया।
बीज के स्थिर भाव दे रहे संकेत
प्याज की खेती करने वाले बेरी के किसान शिशुपाल सिंह खरबास, सांवलोदा लाडखानी के बेगाराम थालौड़, रसीदपुरा के किसान उदय सिंह, मुकुन्दाराम फेनिन, नौरंग सिंह, बेरी के किसान किशनाराम गुर्जर ने बताया कि पिछले सालों में जब-जब प्याज के बीज के भाव ज्यादा रहे हैं प्याज के भाव गिरे हैं लेकिन इस बार प्याज के बीज के भाव कम है इस कारण प्याज के भाव भी ठीक रहेंगे। सीकर जिले में इस समय प्याज के बीज के औसत भाव 1000 से 1500 रुपए प्रति किलो तक है।
इनका कहना है
इस बार किसानों का प्याज की बुवाई के प्रति के रुझान ज्यादा है। शुरूआती रुझान को देखते हुए इन तीनो जिलों में प्याज का क्षेत्रफल 25 हजार हेक्टेयर तक पहुंच जाएगा। भाव अच्छे मिलने की आस में किसान बम्पर बुवाई कर रहे हैं।
– हरलाल सिंह बिजारणिया, उपनिदेशक उद्यान सीकर, खंड सीकर
यह सही है कि प्याज के भाव में तेजी आ आई है। सीकर मंडी में प्याज के भाव 25 से 42 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। फिलहाल प्याज के भावों की तेजी कब तक बनी रहेगी यह नवरात्र के बाद पता चलेगा। शेखावाटी में अब नया प्याज फरवरी व मार्च में ही आएगा।
नेमीचंद दूजोद, थोक व्यापारी, सीकर कृषि उपज मंडी सीकर

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