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विधायक की पहले लोगों ने फिर पुलिस ने की पिटाई, यातायातकर्मी से की थी मारपीट

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सीकर. राजस्थान के सीकर शहर में यातायातकर्मी से मारपीट करने के बाद लोगों ने महाराष्ट्र के विधायक कीर्ति कुमार के साथ उनके पिता, भाई व साथियों को भी धुन दिया। आरोप है कि पुलिस ने भी पहुंचते ही उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर थाने ले गई। घटना में उनके हल्की चोट भी आई। बाद मेंं एसडीएम के समक्ष पेश करने के बाद उन्हें देर शाम जमानत पर रिहा किया गया। गौरतलब है कि सिल्वर जुबली रोड पर एसके कॉलेज के पास नो इंट्री में गाड़ी के चालान से नाराज होकर महाराष्ट्र के चिमूर विधायक कीर्ति कुमार उर्फ बंटी भांगडिय़ा व उनके साथियों ने हैडकांस्टेबल गिरधारी लाल की वर्दी फाड़ दी थी। आरोप है कि वहां मौजूद महिला कांस्टेबल को भी उन्होंने भद्दी गालियां दी। इधर, विधायक के पिता ने ट्रेफिक पुलिस पर भी बदसलूकी करने व दुव्र्यवहार करने के आरोप लगाए है। महिला कांस्टेबल की ओर से विधायक सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
कांस्टेबल ने ये दिए बयानहैडकांस्टेबल गिरधारी ने बताया कि वह एसके कॉलेज के सामने कांस्टेबल कमला के साथ ट्रेफिक डयूटी में थे। दोपहर को 12.10 मिनट पर बस आती दिखाई दी। उन्होंने नो इंट्री में बस को आते देखकर रोक लिया। ड्राइवर लेखराज बस से उतर कर आया। उन्होंने नो इंट्री में आने की बात कहीं और 20 हजार रुपए चालान की बात कहीं। तब ड्राइवर ने उनसे कहा कि वह नए है। नो इंट्री का पता नहीं है, आप कोई हल्का चालान ही कर दो। हम बस को वापस ले जाएगें। इसके बाद हैडकांस्टेबल ने 500 रुपए का चालान कर दिया। जुर्माना देकर ड्राइवर वहां से बस की ओर चला गया। चालान के बाद वह पानी पीने के लिए चला गया। वहां पर कांस्टेबल कमला मौजूद थी। तब बस से 8-10 लोग उतर कर आए। वे सरेआम गालियां देने लग गए और कांस्टेबल कमला से उलझ गए। उसका हाथ पकड़ कर बदतमीजी की। वे चालान किए जाने से नाराज हो गए थे।
मैं एमएलए हूं, तूने कैसे चालान किया
हैडकांस्टेबल गिरधारीलाल ने बताया कि वह पानी पीकर लौटा तो लोगों ने कमला को घेर रखा था। वे चालान करने की बात पर चिल्ला रहे थे। जैसे ही पहुंचा तो एक व्यक्ति ने चिल्ला कर कहा कि मैं एमएलए हूं, तूने चालान कैसे किया। तेरी इतनी हिम्मत हो गई। उन्होंने कहा कि यहां पर नो इंट्री का बोर्ड कहां है। कैसे पता लगेगा कि नो इंट्री है। आरोप है कि विधायक के साथ कुछ युवक हैडकांस्टेबल से बदतमीजी करने लग गए। मशीन व चालान छीनने लग गए। उसके साथ हाथापाई करने लग गए। छीना झपटी में कुछ युवकों ने उसकी वर्दी फाड़ डाली। तब वह बचने के लिए वापस कॉलेज में चला गया। उसे पकडऩे के लिए कुछ युवक भी पीछे दौड़े। तब हैडकांस्टेबल ने ट्रेफिक प्रभारी को घटना की जानकारी दी। कुछ युवक कॉलेज के गेट पर पहुंच गए। गेट पर चिल्लाने लगे कि बाहर निकल कर आ, तेरा इलाज करते है। वे गेट पर लात मारने लग गए। तभी कॉलेज प्राचार्या आ गई। प्राचार्या ने उन्हें वहां से जाने की बात कहीं।
सडक़ पर जमकर हुआ हंगामाएसके कॉलेज के सामने चालान की बात को लेकर हंगामा हो गया। ट्रेफिक पुलिसकर्मी व लोगों के बीच जमकर तीखी बहस हुई। इस दौरान आसपास के लोग भी आ पहुंचे। बस में अन्य लोग भी बैठे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विधायक व पिता-पुत्र के साथ छीना झपटी भी की। इस दौरान कोतवाल कन्हैयालाल भी पुलिस जाप्ते के साथ पहुंच गए। आरोप हैं कि पुलिसकर्मियों ने भी जाते ही मारपीट शुरू कर दी। पुलिस मौके से विधायक सहित पांच लोगों को लेकर थाने पहुंच गई। पुलिस ने विधायक कीर्ति कुमार, पिता मितेश भागडिया, भाई श्रीकांत, अंकित व सुशील कोठारी को शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें एसडीएम के समक्ष पेश किया और जमानत दे दी गई।
एसपी ने हैडकांस्टेबल को बुलाकर ली जानकारी
घटना के बाद एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने डीएसपी सिटी वीरेंद्र कुमार व हैडकांस्टेबल गिरधारीलाल को बुलाया। उन्होंने हैडकांस्टेबल से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने घटना के फुटेज लेकर नियमानुसार जांच करने के आदेश भी दिए। साथ ही हैडकांस्टेबल को निंश्चित होकर कार्य करने की बात कहीं।
कई विधायकों के फोन घनघनाने लगेविधायक को शांतिभंग में गिरफ्तार करने की बात प्रदेश भर में फैल गई। एकाएक भाजपा कार्यकर्ता कोतवाली थाने में पहुंचने लग गए। कुछ कांग्रेसी नेता भी पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों के पास कई भाजपा नेताओं के फोन पहुंचे। कई कांग्रेसी नेताओं ने भी मामले की जानकारी के लिए फोन किए।
विधायक के पिता बोले : बुरा बर्ताव किया
विधायक कीर्ति कुमार के पिता मितेश भागडिय़ा ने कहा कि ड्राइवर को काफी देर तक रोक रखा था। उसे हैडकांस्टेबल साइड में लेकर चला गया। हम 25 मिनट तक राह देखते रहे। बस से नीचे उतर कर उसे तलाश करने लगे। कागज दिख्ख्खाने पर गाड़ी को जाने नहीं दिया। हैडकांस्टेबल बदतमीजी करने लगा। मेरे साथ बदतमीजी की तो बच्चों को भी गुस्सा आया। हमारे साथ बुरा बर्ताव किया है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज चैक करें किसने बदतमीजी की। पूरे मामले की जांच हो। उनके गले व कान पर चोट के निशान थे। पूछने पर उन्होंने कहा कि ऐसे ही चोट लग गई। इसके बाद वे सालासर दर्शन करने के लिए चले गए।

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