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Home News प्रदेश में मेघ मेहरबान, फिर भी जयपुर का रामगढ़ बांध रह गया...

प्रदेश में मेघ मेहरबान, फिर भी जयपुर का रामगढ़ बांध रह गया सूखा

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जमवारामगढ़ (जयपुर)। प्रदेश के बांधों व नदियों में जहां भादो में सावन-सी खुशियों की चादर चल रही हैं वहीं जयपुर के रामगढ़ बांध से मानो राम भी रूठा है और राज भी। बांध में दो तरफ से पानी आता है। ramgarh dam jaipur बाणगंगा की तरफ विराटनगर, शाहपुरा इलाके में बारिश कम होने के कारण बांध तक पानी नहीं पहुंचा जबकि अच्छी बरसात होने के बावजूद भी बांध के सबसे नजदीक दूसरी तरफ की रोड़ा नदी व रामगढ़ की पहाडिय़ों के झरनों का पानी बांध तक पहुंचने में अतिक्रमण बाधा बना। अच्छी बारिश के कारण बांध के सबसे नजदीक रोड़ा नदी दो बार बही। दोनों ही बार रोडा नदी का पानी मेदराजसिंहपुरा के सीरों का बांस में ढाई सौ से तीन सौ बीघा क्षेत्र में व्यर्थ बह गया। आसपास के घरों में तबाही मचाई सो अलग।
बारिश की कमी से बाणगंगा भी पानी को तरसीरामगढ़ बांध में विराटनगर, शाहपुरा, आमेर व जमवारामगढ़ तहसील के इलाकों में हुई बारिश का पानी पहुंचता है। बाणगंगा नदी के उदगम स्थल मैड़ क्षेत्र में अच्छी बारिश नहीं हुई। जिससे बाणगंगा नदी नहीं बही। कैचमेंट एरिया में बांध व तालाब भी नहीं है। अच्छी बारिश होने पर ही बाणगंगा का पानी बांध तक पहुंच सकता है।
शाहपुरा में अब तक 10 जुलाई को 100 एमएम हुई है। इस दिन भी रामगढ़ बांध ramgarh dam jaipur कैचमेंट एरिया की तरफ बारिश कम हुई। इसके बाद 26 जुलाई को 73 एमएम, 13 अक्टूबर को 55 एमएम और 15 अक्टूबर को 21 एमएम बारिश हुई है, जो कि सामान्य बारिश है। विराटनगर में सर्वाधिक बारिश 17 जुलाई को 65 एमएम हुई थी। इससे पहले 3 अगस्त को 10 एमएम, 10 अगस्त को 28 एमएम, 11 अगस्त को 6 एमएम, 14 अगस्त को 64 एमएम, 15 अगस्त को 40 एमएम, 16 अगस्त को 64 एमएम बारिश हुई है। रामगढ बांध पर 1 अगस्त से लेकर 15 अगस्त तक 195.2 एमएम बरसात हुई। बाणगंगा नदी के पास ताला में मारू की ढाणी में 157.44 एमएम बरसात हुयी है। जो करीब 37 एमएम बरसात कम है।
राज बेपरवाह, अतिक्रमण ने अमृत को बांधाअतिक्रमण : जमवारामगढ़. अमृत की राह के रोड़े रोड़ा नं.-1 जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण जमवारामगढ़ उपखंड मुख्यालय से कस्बे के बीच होकर निकल रहा नाला मालियों की ढाणी से आगे सीरों का बांस में आकर नाला पूरी तरह अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुका है। नाले में जेडीए ने सीमेंटेड़ सड़क बना दी है। जिससे नाला नजर ही नहीं आता। इस नाले में अतिक्रमण की वजह से जमवारामगढ़ कस्बे में बरसा पानी भी बांध तक नहीं पहुंचता।
अवरोधक : इसके साथ ही रोडा नदी सीरों का बांस के पास गुप्तेश्वर महादेव की ओर तो नदी का पाट करीब 200 फीट से अधिक चौडा है जबकि सीमेंटेड सड़क के दूसरी ओर नदी करीब 20 फ ीट के नाला में तब्दील हो गयी है। जिससे पानी बांध तक नहीं पंहुच पाता है। दो बार पानी रूकने के बाद भी स्थानीय प्रशासन,जेडीए व सिंचाई विभाग ने रोडा नदी व कस्बा के प्रमुख नाला का अतिक्र मण नहीं हटाया है।
अनदेखी : ramgarh dam update news रामगढ़ बांध का 759 किलोमीटर कैचमेंट एरिया जमवारामगढ़, आमेर, शाहपुरा व विराटनगर तहसील क्षेत्र तक फ ैला हुआ है। बांध के कैचमेंट एरिया में कुल 431 एनिकट, चेकडेम व अन्य जलाशय थे। दो मीटर से ऊंचे एनिकट को दो मीटर के लेवल तक कर दिया गया है। इसके साथ ही बड़े-बड़े रिसोर्ट, फार्म हाउस, निजी कॉलोनियां व नदी नालों की जमीन पर अतिक्रमण से भी बाणगंगा नदी तक पानी नहीं पहुंच रहा।
ये है समाधानहाईकोर्ट की मानिटरिंग कमेटी गठित करने के बाद चारों तहसीलों में सभी प्रकार के कुल 636 अतिक्रमण प्रशासन ने चिन्हित किये थे। सभी विभागों ने चिन्हित अतिक्रमणों को हटाने का प्रमाण पत्र भी दिया है। हकीकत यह है कि अब भी बांध के कैचमेंट एरिया में बने कई अतिक्रमण पानी की राह में रोड़ा बने हुए हैं। इन्हें पूरी तरह हटाया जाए तो बांध तक पानी पहुंच सकता है।
चेकडेम एनीकट भरे तो आए पानी बांध के कैचमेंट एरिया में बने एनिकट व चेकडेम छलकें तो बाणगंगा व माधोवेणी नदी का पानी बंाध तक पहुंच सकता है। बारिश का पानी एनिकट व चेकडेम तक भी नहीं पहुंच रहा। रोडा नदी के उद्गम स्थल से लेकर रामगढ़ बांध तक निष्पक्ष अतिक्रमण चिन्हित करके हटाए जाने चाहिए।
बरसे कम, जहां बरसे अतिक्रमण पी गया शाहपुरा/मनोहरपुर/राडावास। विराटनगर. RAMGARH DAM JAIPUR HINDI NEWSरामगढ़ बांध केचमेंट एरिया से जुड़े क्षेत्रों में अभी तक एक बार भी अच्छी बारिश नहीं होने से नदियों में पानी नहीं आया। शाहपुरा व विराटनगर इलाके से बहने वाली माधोवेणी व बाणगंगा नदी अभी तक एक बार भी नहीं बही। ऐसे में पूरा सावन माह बीतने के बावजूद बांध में पानी नहीं पहुंचा। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि अमरसर, नायन, राड़ावास एवं बिशनगढ़ क्षेत्र में भारी बारिश होती है, तो माधोवेणी नदी बहती है। इस नदी के मार्ग में दो छोटे बांध अरड़की और मामटोरी कलां आता है। बारिश के अभाव में अभी तक वो भी रीते पड़े है। तेज बारिश होने पर ये दोनों बांध पानी से लबालब होने के बाद ओवरफ्लो का पानी रामगढ़ बांध तक पहुंचता है।
भराव क्षमता 65 फीटकैचमेंट क्षेत्रफल 700 वर्ग किमी
इस बार बांध के 6 गेजों पर हुई की स्थिति 575.04 रामगढ़ बांध 424 मारू की ढाणी ताला390 सांगावाला आमेर451 चांदावास आमेर 440.4 मामटोडी कला शाहपुरा 339 चेचाला विराटनगर

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