- Advertisement -
Home Rajasthan News Sikar news साहब हमारी उम्र ही निकल जाएगी फिर कब जाएंगे बॉर्डर पर

साहब हमारी उम्र ही निकल जाएगी फिर कब जाएंगे बॉर्डर पर

- Advertisement -

सीकर.देश को सबसे ज्यादा सैनिक देने वाली शेखावाटी की धरती के सपूत बॉर्डर पर जाने को तैयार है। लेकिन कोरोना ने हमारे युवाओं की उम्मीदों पर ब्रेक लगा रखा है। कोरोना की वजह से शेखावाटी के युवाओं के लिए वर्ष 2020 में तो एक भी भर्ती नहीं हो सकी। मार्च 2021 में जयपुर में हुई सेना भर्ती रैली में महज सीकर के युवाओं को शामिल किया गया। लेकिन चूरू व झुंझुनूं के युवाओं को अभी तक इंतजार है। सेना भर्ती रैलियों की शेखावाटी के लगभग 70 हजार से अधिक युवा तैयारी करते है। लेकिन कोरोना की वजह से तैयारी करने वाले युवाओं की संख्या अब 1.25 लाख को पार कर गई है। भले ही सेना भर्ती रैली नहीं हो पा रही हो लेकिन युवाओं की तैयारी की जंग अभी जारी है। पहले की तरह स्टेडियम सहित अन्य खेल मैदानों में सुबह चार बजे से ही युवाओं की दौड़ का अभ्यास शुरू हो जाता है। युवाओं की पीड़ा है कि सभी भर्तियों में आयु सीमा में छूट मिल जाती है, लेकिन सेना भर्ती में नहीं। ऐसे में यदि अब समय पर भर्ती नहीं हुई तो हमारी तो उम्र ही निकल जाएगी सेना भर्ती रैली में शामिल होने की। युवाओं का कहना है कि फिर मजबूरी में दूसरे कॅरियर की राहें तलाशनी पड़ेगी।
कब होगी लिखित परीक्षाजयपुर में हुई सेना भर्ती रैली की शारीरिक परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों की अब तक लिखित परीक्षा नहीं हुई है। कई युवा ऐसे भी है जिनके मेडिकल में रेफर लग गया था। इन युवाओं को भी दुबारा मौका नहीं मिल सका है। इसके लिए युवाओं की ओर से लगातार सेना भर्ती कार्यालयों के चक्कर लगाए जा रहे हैं।
इसलिए सेना भर्ती रैली में शेखावाटी के युवाओं की धाकसीकर, झुंझुनूं व चूरू जिले में होने वाली सेना भर्ती रैलियों का सक्सेस रेट काफी रहता है। खुद सेना भर्ती कार्यालय के अधिकारी भी मानते है कि ज्यादातर जिलों की सेना भर्ती रैली की शारीरिक दक्षता परीक्षा में 400 के बैंच में से 25 युवा सफल होते हैं। लेकिन शेखावाटी में सफलता का प्रतिशत 30 से 35 युवा हैं। इसके पीछे बड़ी वजह यहां के युवाओं की स्पीड व स्टेमिना है।
छह जिलों के अभ्यर्थियों को अभी नवम्बर तक इंतजारसीकर, चूरू, झुंझुनूं, बीकानेर, हनुमानगढ़ व श्रीेगंगानगर सहित अन्य जिलों के युवाओं केा नवम्बर तक सेना भर्ती रैलियों का इंतजार करना पड़ सकता है। क्योंकि पिछले दिनों सेना भर्ती कार्यालय की ओर से प्रस्तावित तिथि घोषित की थी। इसमें इन जिलों का यह शिड्यूल शामिल था।
और समझें हमारे युवाओं की पीड़ा:
केस एक: साल में दो बार हो भर्ती रैलीनवलगढ़ रोड निवासी अपर्णा चाहिर, सलौनी, नेहा शेखावत कई खेलों में पदक जीत चुकी है। अब तीनों का सपना सेना व पुलिस के जरिए देश सेवा करना है। लेकिन सेना भर्ती रैली नहीं होने की वजह से सपना टूट रहा है। उनका दर्द है कि सरकार को कम से कम सीकर व झुंंझुनूं में तो साल में दो बार सेना भर्ती रैलियों का आयोजन कराना चाहिए।
केस दो: अभी तैयारी पूरी, लेकिन भर्ती रैली नहींयुवा कन्हैयालाल आर्मी भर्ती रैलियों की तैयारी के लिए सीकर शहर की एक एकेडमी में जुटे हुए है। उनका कहना है कि लगातार तैयारी के दम पर वह इस समय सवा चार मिनट में ही दौड़ पूरी कर लेते है। अभी तैयारी एकदम अच्छी है। लेकिन कोई सेना भर्ती रैली नहीं है। उनका कहना है कि भर्ती रैली नवम्बर में प्रस्तावित बताई जा रही है। उनकी पीड़ा है कि कब तक परिजनों से पैसा लेकर तैयारी करें।
केस तीन: नहीं जा पाएंगे बॉर्डर परताउम्र रहेगा मलालझुंझुनूं निवासी राकेश का कहना है कि उसके परिवार के कई सदस्य तीन पीढिय़ों से सेना के जरिए देशसेवा में जुटे हैं। उनका भी सपना सेना में जाने का कहना है। उनका कहना है कि मार्च 2022 तक यदि कोई भर्ती नहीं होती है तो मजबूरन ताउम्र बॉर्डर पर सेवा नहीं करने का मलाल रहेगा।
पहले: हर साल दो हजार युवाओं को मौकाकोरोनाकाल से पहले शेखावाटी व अन्य जिलों में होने वाली सेना भर्ती रैलियों में हमारे दो हजार से अधिक युवाओं का चयन होता था। लेकिन कोरोना की वजह अब यह आंकड़ा कम हुआ है।
एक्सपर्ट व्यू:शेखावाटी के युवाओं में सेना भर्ती को लेकर काफी क्रेज है। लेकिन कोरोना की वजह से युवाओं की उम्मीदों पर ग्रहण लगा हुआ है। सीकर, चूरू व झुंझुनूं के युवाओं के लिए कोई भर्ती स्थानीय स्तर पर नहीं हुई है। सीकर के युवाओं को जयपुर भर्ती में शामिल होने का जरूर मौका मिला था। कुछ नियमों में बदलाव के साथ सरकार को सेना भर्ती रैली स्थानीय स्तर पर भी शुरू करानी चाहिए।कैप्टन चंदगीराम सामोता, प्रशिक्षक, सीकर

Advertisement




Advertisement




- Advertisement -
- Advertisement -

Stay Connected

16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe

Must Read

रोचक: गुम भैंसों का हुआ फेसबुक लाइव, पांच दिन में ढूंढ निकाला असली हकदार

Interesting: Facebook Live of missing buffaloes... -सोशल मीडिया की मदद से मिली लापता भैंसें-व्हाट्सऐप ग्रुप और फेसबुक बने मददगारसीकर. अमूमन सोशल मीडिया(social media) की...
- Advertisement -

9 दिन बाद खुल जाएंगे स्कूल, नौनिहालों की डे्रस तय नहीं

फतेहपुर. राज्य सरकार ने दो अगस्त से स्कूल खोलने की इजाजत दे दी। सरकार ने सरकारी स्कूलों की ड्रेस बदलने की घोषणा कर...

मेडिकल कॉलेज को अस्पताल के लिए मिली जमीन

सीकर. सीकरवासियों के लिए कोरोनाकाल में राहतभरी खबर है। श्री कल्याण आरोग्य सदन सीकर ट्रस्ट ने मेडिकल कॉलेज के अस्पताल के लिए जमीन...

VIDEO: जेल में कैदियों के लिए खुलेगा पुस्तकालय, अच्छे साहित्य से बदलेंगे सोच

सीकर. राजस्थान के सीकर जिले की शिवसिंहपुरा ओपन जेल में कैदियों के लिए पुस्तकालय खोला जाएगा। ताकि समय बिताने के साथ सद्साहित्य से...

Related News

रोचक: गुम भैंसों का हुआ फेसबुक लाइव, पांच दिन में ढूंढ निकाला असली हकदार

Interesting: Facebook Live of missing buffaloes... -सोशल मीडिया की मदद से मिली लापता भैंसें-व्हाट्सऐप ग्रुप और फेसबुक बने मददगारसीकर. अमूमन सोशल मीडिया(social media) की...

9 दिन बाद खुल जाएंगे स्कूल, नौनिहालों की डे्रस तय नहीं

फतेहपुर. राज्य सरकार ने दो अगस्त से स्कूल खोलने की इजाजत दे दी। सरकार ने सरकारी स्कूलों की ड्रेस बदलने की घोषणा कर...

मेडिकल कॉलेज को अस्पताल के लिए मिली जमीन

सीकर. सीकरवासियों के लिए कोरोनाकाल में राहतभरी खबर है। श्री कल्याण आरोग्य सदन सीकर ट्रस्ट ने मेडिकल कॉलेज के अस्पताल के लिए जमीन...

VIDEO: जेल में कैदियों के लिए खुलेगा पुस्तकालय, अच्छे साहित्य से बदलेंगे सोच

सीकर. राजस्थान के सीकर जिले की शिवसिंहपुरा ओपन जेल में कैदियों के लिए पुस्तकालय खोला जाएगा। ताकि समय बिताने के साथ सद्साहित्य से...

अब नौकरी की दौड़ में शामिल होंगे बीएड इंटीग्रेटेड कोर्स के विद्यार्थी

सीकर. नियमों के पेंच में उलझे प्रदेश के दो लाख विद्यार्थियों के लिए राहतभरी खबर है। रीट परीक्षा से पहले उच्च शिक्षा विभाग...
- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here