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आरएसएस के प्रचारक राकेश सिन्हा का कहना है कि,आज महात्मा गांधी होते तो वह आरएसएस में होते

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महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर राकेश सिन्हा ने कहा है कि,गांधी के नाम और चित्र का इस्तेमाल करने वाले ही,गांधी के विचारों के खिलाफ है.आज आरएसएस गांधी की विचारधारा का सबसे बड़ा अनुयाई है.

आरएसएस प्रचारक राकेश सिन्हा के बयान पर कई सवाल खड़े होते हैं. क्या सच में अगर आज महात्मा गांधी जिंदा होते तो वह आरएसएस में होते या आरएसएस की विचारधारा के साथ होते?

आरएसएस लगातार मांग करती है कि, भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए. महात्मा गांधी जब थे तभी यह ऐलान हो गया था कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है. यहां सभी धर्मों का बराबर आदर होगा और सभी धर्मों का सम्मान होगा, सभी धर्मों को उनका पूरा हक दिया जाएगा, किसी भी धर्म के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा. राकेश सिन्हा को महात्मा गांधी पर बयान देने से पहले यह बताना चाहिए कि क्या आरएसएस हिंदू राष्ट्र की मांग को छोड़ चुका है?

आरएसएस और उसी से निकली हुई भाजपा लगातार सनातन धर्म के आराध्य भगवान सियाराम के ऊपर राजनीति करती है. भगवान सियाराम के नाम पर राजनीति करके देश की जनता के बीच धार्मिक नफरत फैलाने का काम करती है, राकेश सिन्हा को बताना चाहिए कि, क्या आज महात्मा गांधी होते तो वह भगवान राम के नाम पर राजनीति करते?

जय श्रीराम के नारे का इस्तेमाल लोगों को चिढ़ाने के लिए हो रहा है और जो लोग यह कर रहे हैं वह आरएसएस और भाजपा के ही समर्थक हैं,तो क्या आज महात्मा गांधी होते तो ऐसे लोगों का समर्थन करते?

जय श्री राम का नारा लगाकर भीड़ इकट्ठी करके भीड़ द्वारा निहत्थे और मासूम लोगों को मार दिया जा रहा है. क्या महात्मा गांधी होते तो आरएसएस के साथ इस भीड़ तंत्र का समर्थन करते? गौ रक्षा के नाम पर लोगों की हत्याएं हो रही है. गाय के नाम पर लगातार भाजपा और आरएसएस देश के अंदर नफरत का बीज बो रही है. क्या आज महात्मा गांधी होते तो आरएसएस और भाजपा के साथ इसी काम में इन लोगों का सहयोग करते ?

देश के अंदर मंदिर और मस्जिद के नाम पर लगातार बयानबाजी हो रही है. समाज को बांटने की कोशिश हो रही है, मंदिर के नाम पर और मस्जिद के नाम पर और इस काम में आरएसएस अपनी तरफ से अपना पूरा योगदान दे रही है. तो क्या आज महात्मा गांधी होते तो मंदिर और मस्जिद के नाम पर देश को बांटने वालों का समर्थन करते ?

आरएसएस के समर्थक लगातार गोडसे का समर्थन करते हैं, जिसने महात्मा गांधी की हत्या की थी. गोडसे के समर्थक लगातार महात्मा गांधी के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, गोडसे को अपना मसीहा मानते हैं. महात्मा गांधी को विलेन साबित करने की कोशिश करते हैं. महात्मा गांधी के विषय में असभ्य भाषा का इस्तेमाल करते हैं, तो क्या आज महात्मा गांधी होते तो आरएसएस उनको अपने साथ रख के रोज उन्हें अपने समर्थकों द्वारा गाली सुनवाती ?

महात्मा गांधी ने कश्मीर के मसले पर कहा था कि राजा के हस्ताक्षर से कुछ नहीं होगा, राजा अगर पाकिस्तान के पक्ष में हस्ताक्षर कर देते हैं या फिर हिंदुस्तान के पक्ष में हस्ताक्षर कर देते हैं, वह मायने नहीं रखता. कश्मीर की आवाम क्या चाहती है, कश्मीर में रहने वाले लोग क्या चाहते हैं,वहां के बुजुर्ग क्या चाहते हैं,वहां के नौजवान, क्या चाहते हैं वहां की महिलाएं क्या चाहती हैं, वहां के बच्चे क्या चाहते हैं ? वह जानना जरूरी है.

हमें जमीन का टुकड़ा नहीं चाहिए, हमें वहां के लोगों का प्यार चाहिए, वहां के लोग चाहिए और यही कहकर महात्मा गांधी कश्मीर की अपनी पहली और अंतिम यात्रा पर गए थे.आरएसएस और भाजपा ने अभी हाल फिलहाल कश्मीर के साथ जो किया है,क्या आज महात्मा गांधी होते तो आरएसएस और भाजपा का समर्थन करते?

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राकेश सिन्हा ने कहा है कि, गांधी की तस्वीर का इस्तेमाल करने वाले ही गांधी की विचारों के खिलाफ है. बिल्कुल सही कहा है भाजपा के राज्यसभा सांसद और आरएसएस प्रचारक राकेश सिन्हा ने आज गांधी की तस्वीर का इस्तेमाल भाजपा कर रही है,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं,गृह मंत्री अमित शाह कर रहे हैं और यही लोग महात्मा गांधी के विचारों के खिलाफ हैं.

महात्मा गांधी ने एक धर्मनिरपेक्ष देश का सपना देखा था और आरएसएस धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के खिलाफ हैं .आरएसएस का कहना है कि हमें हिंदू राष्ट्र चाहिए. राकेश सिन्हा को पब्लिक मंच में पब्लिक के साथ इन मुद्दों पर डिबेट करने की जरूरत है. घुंगरू मीडिया के सामने बोल कर निकल जाने से कुछ नहीं होगा. घुंघरू मीडिया के सहारे गांधी के नाम पर आरएसएस और भाजपा के लोग आज देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. जो आरएसएस और भाजपा के खिलाफ जनता है उसको लुभानाने की कोशिश कर रहे हैं.

इन्हें भी पता है कि, जो जनता इनके साथ है वह गांधी को गाली देती है और गोडसे को पूजती है, इसलिए इन लोगों को अपने समर्थकों को लुभाना नहीं ह, इनको अपनी विचारधारा का विरोध करने वाली जनता को गांधी के नाम पर लुभाना है और उसकी कोशिश यह लोग कर रहे हैं.

कल यानी मंगलवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बयान दिया था कि, भारत एक हिंदू राष्ट्र है और इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता है, और आज यानी गांधी जयंती के दिन 2 अक्टूबर को मोहन भागवत का कहना है कि गांधी को अपने आचरण में उतारने की जरूरत है. हम सभी लोगों को गांधी को अपने आचरण में उतरना चाहिए,मोहन भागवत के 1 दिन के अंतराल में दिए गए, दो बयान मोहन भागवत की दोहरी मानसिकता का प्रदर्शन कर रहे हैं. गांधी के नाम पर देश को गुमराह भी करना है और हिंदू राष्ट्र का नाम लेकर देश में नफरत भी फैलानी है.

मोहन भागवत और आरएसएस प्रचारक सांसद राकेश सिन्हा को यह बात बार-बार ध्यान रखनी चाहिए कि, महात्मा गांधी धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र का सपना देखते थे और उनके रहते ही हिंदुस्तान धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित हो गया था. गांधी के नाम पर जनता को गुमराह करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, गांधी को अगर सही में अपनाना चाहते हैं तो इस देश की जनता को अपनाना होगा, इस देश में रह रहे हैं हर जाति धर्म के लोगों को अपनाना होगा, इस धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र को अपनाना होगा. इससे छेड़छाड़ महात्मा गांधी रहते तो वह बर्दाश्त नहीं करते.

संघ प्रमुख मोहन भागवत और प्रचारक राकेश सिन्हा अगर गांधी के प्रति सच में स्नेह रखते हैं तो अपने मुंह से गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के लिए कुछ क्यों नहीं बोलते ? बताते क्यों नहीं कि गांधी के हत्यारे के प्रति उनके मन में नफरत है या प्यार ? जो भी है उसका इजहार यह दोनों लोग क्यों नहीं करते या फिर प्रधानमंत्री मोदी खुद क्यों नहीं करते,गृहमंत्री अमित शाह खुद क्यों नहीं करते?

गौ रक्षा के नाम पर देश में लोगों को मारने वालों का समर्थन करने वालों को यह बात याद रखनी चाहिए कि महात्मा गांधी ने कहा था कि मुसलमानों के विरुद्ध यह कहा जाता है कि वे गोवध करते हैं, लेकिन मैं कहता हूं कि बांद्रा के कत्लगाह में पांच वर्ष के अंदर जितनी गायें काटी जाती हैं, उतनी सात करोड़ मुसलमान पच्चीस वर्ष में भी नहीं मार सकते.

संघ प्रमुख मोहन भागवत और प्रचारक राकेश सिन्हा को सलाह है कि, पहले खुद के अंदर बदलाव लाए, अपने समर्थकों के अंदर बदलाव लाएं, अपने समर्थकों को गांधी के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए कहे, गांधी को पूजना स्टार्ट कर दें. दिखावे के लिए नहीं, दिल से. उसके बाद गांधी के बारे में जनता को प्रवचन दे.

यह भी पढ़े : BJP महात्मा गांधी की 150वीं जयंती धूमधाम से मना रही है,कांग्रेस भी पद यात्रा निकाल रही है।

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