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Home News प्रियंका गांधी चुपचाप बदलाव ला रही हैं- अभिषेक मनु सिंघवी

प्रियंका गांधी चुपचाप बदलाव ला रही हैं- अभिषेक मनु सिंघवी

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आजादी के बाद कांग्रेस अपने सबसे बुरे दौर में चल रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के कई नेता अपने भाषणों में कांग्रेस मुक्त देश की बात अक्सर करते ही रहते हैं.
लेकिन पार्टी का आलाकमान अपने स्तर पर कांग्रेस की चमक फिर से लौटाने की कोशिशों में जुटा हुआ है. इस बीच कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने दावा किया है कि प्रियंका गांधी चुपचाप तरीके से काम करते हुए एक बदलाव ला रही हैं. कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्वीट कर कहा कि जबकि कांग्रेस की हार भारत में चर्चा का विषय रही है.
वर्तमान स्थिति से बदलाव की आवश्यकता है और जिसे प्रियंका गांधी चुपचाप ला रही हैं. गलतियों और सुधार को स्वीकार करने के लिए बदलाव का यह पहला कदम है. अभिषेक मनु सिंघवी ने एक अंग्रेजी वेबसाइट में छपी खबर का लिंक शेयर किया जिसमें कहा गया कि पिछले साल लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा उत्तर प्रदेश में चुपचाप तरीके से अपने मिशन में लगी हुई हैं और वहां पर बदलाव की कोशिश में जुटी हैं.
खबर में कहा गया कि आम कांग्रेसी प्रियंका गांधी को प्रियंका दीदी के रूप में बुलाते हैं और पिछले साल चुनाव में हार के बाद वह बेहद सक्रिय हो गई हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार और उत्तर प्रदेश में पार्टी के बेहद खराब प्रदर्शन के बाद प्रियंका राज्यभर के लगभग पांच हजार पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से पहले ही मुलाकात कर चुकी हैं. यही नहीं उम्मीदवारों और वरिष्ठ नेताओं से मिलने के अलावा प्रियंका गांधी जिला समिति के प्रत्येक सदस्य से कम से कम 10 सदस्यों से मिली थीं.
जो संगठन की ऑनग्राउंड वास्तविकता और पार्टी के भीतर के संकट का आकलन करने के लिए पहला कदम था. प्रियंका गांधी वाड्रा एक मजबूत नींव रखने के लिए अथक प्रयास कर रही हैं जो एक बार फिर उनकी पार्टी को यूपी की राजनीति के मुख्य केंद्र तक पहुंचा सकती है. राज्य में डेढ़ साल बाद 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं.
दूसरी ओर कहा जा रहा है कि कोरोना संकट और लॉकडाउन के बादल छंटते ही कांग्रेस समेत कई अन्य दलों में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की राजनीतिक समीकरण बनाए जाने लगे हैं. ऐसे में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी एक्टिव हो गई हैं और अब संगठन के नेताओं सहित तमाम लोगों से सीधे तौर पर मिलने का सिलसिला शुरू कर दिया है.
पिछले दिनों इसी कड़ी में प्रियंका जेल से हाल ही छूटे डॉ कफील खान के परिवार से मिलीं तो दूसरी तरफ यूपी कांग्रेस अध्यक्ष के साथ मुलाकात कर सूबे के सियासी हालात का जायजा लिया. प्रियंका कोरोना काल में संगठन और पार्टी नेताओं के साथ वर्चुअल बैठकें कर रही थीं, पर अब वन-टू-वन यानी सीधे तौर पर मुलाकात करने लगी हैं.
उन्होंने इस हफ्ते सोमवार से पार्टी नेताओं से सीधे मुलाकात का सिलसिला शुरू किया है. इसी के तहत वह कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज आलम के साथ मुलाकात की. इस दौरान सूबे में पार्टी संगठन की रिपोर्ट ली.
आपको बता दे कि कोरोना संकट और लॉकडाउन के बादल छटते ही उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की राजनीतिक समीकरण बनाए जाने लगे हैं. ऐसे में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी एक्टिव हो गई है और अब संगठन के नेताओं सहित तमाम लोगों से सीधे तौर पर मिलने का सिलसिला शुरू कर दिया है.
इस कड़ी में वह जेल से हाल ही छूटे डॉ. कफील खान के परिवार के मिलीं तो दूसरी तरफ यूपी कांग्रेस अध्यक्ष के साथ मुलाकात कर सूबे के सियासी हालात का जायजा लिया. प्रियंका गांधी ने विधानसभा को लेकर तैयारी शुरू कर दी हैं. कोरोना काल में संगठन और पार्टी नेताओं के साथ वर्चुअल बैठकें कर रही थी, पर अब वन-टू-वन यानी सीधे तौर पर मुलाकात करने लगी है.
इसके अलावा आपको बता दे कि प्रियंका गांधी का फोकस बिहार पर भी है. बिहार में महिला वोट बैंक को लुभाने के लिए चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस पार्टी ‘महिला क्रांति महासम्मेलन’ करने जा रही है. सूत्रों के मुताबिक इस सम्मेलन को पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी सम्बोधित करने वाली हैं. कहा जा सकता है कि महिलाओं से प्रियंका गांधी के ‘कनेक्शन’ के सहारे कांग्रेस, बिहार की महिलाओं से कनेक्ट होना चाहती है.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक 5 से 10 अक्टूबर के बीच यह सम्मेलन किया जाएगा, जिसे वर्चुअल तरीके से यानी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रियंका गांधी संबोधित करेंगी. बिहार में कांग्रेस सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के चेहरे पर चुनाव लड़ रही है. ऐसे में जनता तक संदेश पहुंचाने के लिए भी पार्टी इन्हीं पर निर्भर है. प्रियंका गांधी के महिला सम्मेलन के साथ ही राहुल गांधी की वर्चुअल रैलियों की भी योजना बन रही है. अगस्त के पहले हफ्ते में राहुल गांधी बिहार के पार्टी कार्यकर्ताओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सम्बोधित कर चुके हैं.
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