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दूध की रेट के भाव बच्चों पर भारी, नहीं मिल रहा 13 दिन से दूध

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चौसला. जिले अंतिम छोर पर स्थित नावां तहसील की ग्राम पंचायत चौसला की राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को पिछले 13 दिन से दूध नहीं दिया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा चलाई गई अन्नपूर्णा योजना के तहत बच्चों को कुपोषण से बचाने व मानसिक विकास के लिए मिडे-डे मील के साथ शुरू की गई दूध देने की योजना में तय की गई दूध की रेट के भाव बच्चों पर भारी पड़ रहे हैं। जिस कारण कक्षा एक से आठ के बच्चों को पिछले 13 दिन से दूध नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में मिडे-डे मील में मिलने वाला दूध सरकारी भाव में नहीं मिल रहा है जिससे प्रभारी शिक्षक के लिए भी मुसीबत हो गई है। प्रधानाचार्या मधुशर्मा ने बताया कि शिक्षा विभाग ने दूध के भाव सरकारी स्तर पर 35 रुपए प्रति लीटर तय किए है। अब इस भाव में दूध नहीं मिल रहा है। जानकारी के अनुसार दोपहर में दिए जाने वाले मिडे-डे मील खाने के साथ कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को 150 एमएल और कक्षा 6 से 8 वीं तक के बच्चों को 200 एमएल दूध देना तय किया गया है जबिक यहां के स्कूल प्रशासन ने यह कहकर दूध बंद कर दिया है कि इतने दिनों तक 35 रुपए प्रति लीटर में दूध मिल रहा था वो अब नहीं मिल रहा है। प्रभारी ने बताया कि रोज 20 लीटर दूध वितरण किया जा रहा था। सोमवार को पत्रिका सर्वे के अनुसार चौसला क्षेत्र की कई स्कूलों में मिडे-डे मील के डाइट चार्ट की पालन भी सही ढंग से नहीं हो रही है। मिडे-डे मील के तहत दिए जाने वाले भोजन की क्वालिटी कई स्कूलों में ठीक नहीं है। सरकार द्वारा स्कूलों में गैस सिलेण्डर उपलब्ध कराने के बाद भी महिलाएं चूल्हे पर लकड़ी जलाकर भोजन पका रही है जिससे कहीं पर जली रोटिया तो कहीं पर पोषाहार के अनाज में कीड़े-मकोड़े पड़े है तो कहीं छिपकली। दूध वितरण करने वाले प्रभारी शिक्षक ने बताया कि 35 रुपए में दूध नहीं मिलने से बच्चों को एक अगस्त से अब तक दूध नहीं मिल पाया है। 13 दिन से स्कूल प्रशासन ने भी किसी प्रकार से दूध शुरू करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है। हां इस संबंध में प्रधानाचार्या मधुशर्मा से बात की तो उन्होंने बताया कि मेंने इस बारे में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मेल कर अवगत करा दिया था वहां से कोई जवाब नहीं आया। ऐसे में साफ जाहिर है कि शिक्षा विभाग की उदासीनता और लचर व्यवस्थाओं से बच्चे 13 दिन से दूध से वंचित रह रहे है।
यहां के आदर्श विद्यालय की चारदीवारी जर्जर व सड़क के बराबर तथा मुख्यद्वार नहीं होने से परसिर में एक भी पौधरोपण नहीं किया गया है जिससे विद्यालय की तस्वीर बेरोनक नजर आने लगी है। इस बारे में स्कूल प्रशासन से बात की तो बताया कि 30 अगस्त को विद्यालय विकास प्रबंधक समिति की बैठक में प्रस्ताव लेकर मुख्यद्वार लगवाने का प्रयास करेंगे।
इनका कहना है
एक अगस्त से पहले 35 रुपए प्रति लीटर के भाव से दूध मिल रहा था, लेकिन अब नहीं मिल रहा है। इस संबंध में मेंने शिक्षा विभाग को मेल भेजकर अवगत करा दिया है।
मधुशर्मा, प्रधानाचार्या, राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय चौसला

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