- Advertisement -
Home News संविदा चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू: रोडवेज की फूली सांस, डबल ड्यूटी...

संविदा चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू: रोडवेज की फूली सांस, डबल ड्यूटी करा पाई निजात

- Advertisement -

 
भीलवाड़ा।
 
राजस्थान रोडवेज संविदा चालक संघ के आह्वान पर मंगलवार को आगार के संविदा चालक हड़ताल पर चले गए। भीलवाड़ा शाखा के उपाध्यक्ष राजेश पंचोली के नेतृत्व में सुबह पांच बजे से संविदा चालकों ने बसें नहीं चलाई। दिनभर बस स्टैण्ड पर प्रदर्शन किया व रोडवेज प्रबंधकों के खिलाफ नारे लगाए। हालांकि हड़ताल को देखते सुभाषनगर थाने से जाप्ता बस स्टैंड पर तैनात रहा। संविदा चालकों ने स्थाई चालकों को ड्यूटी पर जाने से नहीं रोका। बस स्टैंड के दुर्गा माता मंदिर में हड़ताली डेरा डाले रहे।
 
ठेकेदार को बुला समझाया, नहीं बनी बात
 
जिन चालकों को कम्पनी के अधीन नियुक्ति दी गई। उसके ठेकेदार को मुख्य प्रबंधक ने बुलाया। ठेकेदार के साथ संघ के पदाधिकारी भी आए। करीब आधा घंटे वार्ता चली व काम पर लौटने का आग्रह किया लेकिन चालक संघ ने मांगें मानने तक काम पर लौटने से मना कर दिया। आगार प्रबंधक ने ठेकेदार को दूसरे चालकों की व्यवस्था नहीं करने पर सिक्युरिटी राशि जब्त करने और हड़ताली कर्मचारियों को ब्लैकलिस्टेड करने तक की धमकी दी।
 
महिलाओं की लंबी कतारें
 
रक्षाबंधन में महज एक दिन शेष रहने से बस स्टैंड पर दिनभर यात्रियों की भीड़ रही। खासतौर से महिलाओं की भीड़ ज्यादा थी। बुकिंग खिड़की पर महिलाओं की कतारें रही। हालांकि हड़ताल की पहले से घोषणा से यात्रियों में संचालन को लेकर संशय था। स्टैंड पहुंचने पर बस देखकर राहत की सांस ली।
 
पीक सीजन, व्यवस्था के लिए झोंकी ताकत
 
त्योहार के मद्देनजर रोडवेज के लिए पीक सीजन है। हड़ताल से प्रबंधक को बस संचालन के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। कई रूटों पर प्रशिक्षित परिचालकों से बस चलवाई तो आगार के बाबूओं को परिचालक भी बनाया गया। एक रूट से लौटे स्थाई चालकों को तुरंत दूसरे रूट पर भेजा। इस व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों में रोष देखा गया।
 

Advertisement




Advertisement




- Advertisement -
- Advertisement -

Stay Connected

16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe

Must Read

डॉ. कफील बोले- अभी राजनीति में उतरने का समय नहीं

डॉक्टर कफील खान की मथुरा जेल से रिहाई के 20 दिनों बाद सोमवार को दिल्ली में उनकी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात हुई. डॉक्टर...
- Advertisement -

बैग में रखे 3.50 लाख रुपये में से पांच मिनट में कम हो गए 2 लाख रुपये

सीकर/ खाचरियावास. राजस्थान के सीकर जिले के दांतारामगढ़ कस्बे के कुली गांव में सोमवार को एक बैग में भरकर रखे गए 3 लाख...

क्या है जनता के इस गुस्से के मायने?

हाल के दिनों में नीतीश सरकार के कई मंत्रियों और विधायकों ने मारपीट का आरोप लगाया है. एनडीएए (NDA) के ये विधायक और मंत्री...

क्या डिजिटल मीडिया कि आलोचनाओं से घबरा गई सरकार?

क्या सरकार सोशल मीडिया पर होने वाली अपनी आलोचनाओं से बौखलाई हुई है और उनका मुंह बंद करना चाहती है? क्या सरकार चाहती है कि...

Related News

डॉ. कफील बोले- अभी राजनीति में उतरने का समय नहीं

डॉक्टर कफील खान की मथुरा जेल से रिहाई के 20 दिनों बाद सोमवार को दिल्ली में उनकी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात हुई. डॉक्टर...

बैग में रखे 3.50 लाख रुपये में से पांच मिनट में कम हो गए 2 लाख रुपये

सीकर/ खाचरियावास. राजस्थान के सीकर जिले के दांतारामगढ़ कस्बे के कुली गांव में सोमवार को एक बैग में भरकर रखे गए 3 लाख...

क्या है जनता के इस गुस्से के मायने?

हाल के दिनों में नीतीश सरकार के कई मंत्रियों और विधायकों ने मारपीट का आरोप लगाया है. एनडीएए (NDA) के ये विधायक और मंत्री...

क्या डिजिटल मीडिया कि आलोचनाओं से घबरा गई सरकार?

क्या सरकार सोशल मीडिया पर होने वाली अपनी आलोचनाओं से बौखलाई हुई है और उनका मुंह बंद करना चाहती है? क्या सरकार चाहती है कि...

कांग्रेस के वाइल्ड कार्ड ने बदली मुुकाबले की तस्वीर, बीजेपी को भीतरघात का खतरा

मध्यप्रदेश की राजनीति में मार्च में उठे ज़लज़ले ने पूरा का पूरा फ्रेम ही उल्टा कर दिया है. कार्यकर्ताओं के हुजूमों के हाथों से...
- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here