- Advertisement -
Home Rajasthan News Sikar news निशुल्क मिलने वाली किताबें भी बाजार से खरीदने को मजबूर

निशुल्क मिलने वाली किताबें भी बाजार से खरीदने को मजबूर

- Advertisement -

सीकर. सरकारी स्कूलों के बच्चों को हर साल शारीरिक एवं स्वास्थ्य शिक्षा तथा कला शिक्षा की पुस्तकें बाजार से खरीदने पड़ रही हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 में शारीरिक एवं स्वास्थ्य शिक्षा व कला शिक्षा विषय को अनिवार्य शिक्षा के रूप में सम्मिलित किया गया। स्कूलों में नामांकित बच्चों के स्वास्थ्य, सृजनात्मक, बौद्धिक विकास के लिए शारीरिक एवं स्वास्थ्य शिक्षा तथा कला शिक्षा की किताबें अतिआवश्यक हैं। लेकिन हर साल निजी विक्रेता इन निशुल्क किताबों को खरीदकर बच्चों से मनचाही राशि वसूल कर रहे हैं। इसके चलते सरकारी स्कूलों के हजारों बच्चें हर साल इन किताबों से वंचित रहते हैं।स्कूल स्तर पर होता मूल्यांकनस्कूल स्तर पर दोनों विषयों की प्रायोगिक, सैद्धांतिक परीक्षाएं एवं मूल्यांकन के अंक व ग्रेडिंग बच्चों की अंकतालिकाओं में भरे जाते हैं। लेकिन इस बारे में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर का तर्क है कि जिन विषयों में बोर्ड की ओर से परीक्षा नही ली जाती है, उन विषयों की पाठ्य पुस्तकें नि:शुल्क वितरण में सम्मिलित नही होती हैं। जबकि अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने का प्रावधान हैं।नामांकन की स्थितिप्रदेश के सरकारी स्कूलों में वर्ष 2016 में कक्षा नौ व 10 का नामांकन करीब 1128215 रहा। उसके बाद सत्र 2017-़18 में नामांकन 1175418 और सत्र 2018-19 तथा 2019-20 का नामांकन 11 लाख से अधिक रहा। कला शिक्षा में नहीं शिक्षक का एक पद सृजितकला शिक्षा विषय के लिए एक भी पद सृजित नहीं है। जबकि शारीरिक एवं स्वास्थ्य शिक्षा के लिए बकायदा शारीरिक द्वितीय व तृतीय श्रेणी के अनुदेशकों के पद सृजित है, और हजारों शारीरिक शिक्षक अनुदेशक राजकीय स्कूलों में कार्यरत है। लेकिन अनिवार्य कला शिक्षा विषय के लिए एक भी कला शिक्षक अनुदेशक का पद तक सृजित नहीं है। यही कारण है कि दिनों दिन बच्चों में तनाव की स्थिति बढ़ती जा रही हैं।[MORE_ADVERTISE1]

Advertisement




Advertisement




- Advertisement -
- Advertisement -

Stay Connected

16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe

Must Read

निर्माण स्वीकृति के विपरित निर्माण करने पर भूखंड को किया सीज

नीमकाथाना. काफी दिनों से विवादों में चल रहा शाहपुरा रोड स्थित भूखंड को मंगलवार दोपहर नगर पालिका ने सीज कर दिया। साथ ही...
- Advertisement -

नौकरी व लोन दिलाने का झांसा देकर यूं ठगे 30 हजार

सीकर. नौकरी व लोन दिलाने का झांसा देकर युवक से 30 हजार रुपए की ठगी कर ली। युवक कंपनी के देहरादून आफिस भी...

बंद ट्रेन से जीवन बेपटरी, करोड़ों का नुकसान

सीकर. कोरोना संक्रमण के बाद लॉक हुआ देश धीरे- धीरे अनलॉक हो गया। स्कूल, कॉलेज से लेकर सार्वजनिक परिवहन के साधन भी शुरू...

चुनावी दंगल के उम्मीदवार तय, अब मुकाबले की बारी

सीकर. निकाय चुनाव में नामांकन वापसी के बाद चुनावी दंगल के उम्मीदवारों की तस्वीर साफ हो गई है। जिले के कई वार्डों में...

Related News

निर्माण स्वीकृति के विपरित निर्माण करने पर भूखंड को किया सीज

नीमकाथाना. काफी दिनों से विवादों में चल रहा शाहपुरा रोड स्थित भूखंड को मंगलवार दोपहर नगर पालिका ने सीज कर दिया। साथ ही...

नौकरी व लोन दिलाने का झांसा देकर यूं ठगे 30 हजार

सीकर. नौकरी व लोन दिलाने का झांसा देकर युवक से 30 हजार रुपए की ठगी कर ली। युवक कंपनी के देहरादून आफिस भी...

बंद ट्रेन से जीवन बेपटरी, करोड़ों का नुकसान

सीकर. कोरोना संक्रमण के बाद लॉक हुआ देश धीरे- धीरे अनलॉक हो गया। स्कूल, कॉलेज से लेकर सार्वजनिक परिवहन के साधन भी शुरू...

चुनावी दंगल के उम्मीदवार तय, अब मुकाबले की बारी

सीकर. निकाय चुनाव में नामांकन वापसी के बाद चुनावी दंगल के उम्मीदवारों की तस्वीर साफ हो गई है। जिले के कई वार्डों में...

सुशांत सिंह ने दिया रजत शर्मा को करारा जवाब

गोदी पत्रकार रजत शर्मा भाजपा समर्थक हैं, यह बात किसी से छुपी नहीं है. रजत शर्मा अक्सर झूठी खबरें फैला कर देश की जनता...
- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here