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राजस्थान में भारी बारिश से हाहाकार, आधा दर्जन जिलों में बाढ़ के हालात

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जयपुर। Flood In Rajasthan: राजस्थान में पिछले दो-तीन दिन से भारी बारिश ( Heavy Rain In Rajasthan ) के कारण कोटा, बारां, प्रतापगढ़, झालावाड़, भीलवाड़ा एवं पाली सहित आधा दर्जन जिलों में बाढ़ के हालात बन गए और कोटा के कैथून में मदद के लिए सेना को बुलाया गया है। राज्य में मूसलाधार बरसात के कारण कोटा, झालावाड़, बारां, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़ एवं पाली जिलों Rajasthan Flood Affected Areas में कहर बरपा है और कोटा जिले के कैथून में पांच-पांच फुट तक पानी भर गया जिससे कई लोग उसमें फंस गए। इसके प्रशासन ने सेना की मदद मांगी और सेना राहत कार्य में लगी हुई है। नाव के जरिए पानी में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया तथा बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
 
चंबल नदी पर बने सभी बांध लबालब:कोटा में इस वर्ष अब तक एक हजार मिलीमीटर से अधिक बारिश हो चुकी है। कैथून में बने इन हालातों के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने हालात एवं राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने ट्रेक्टर पर बैठकर कैथून एवं आस पास के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस मौके उन्होंने प्रशासन को राहत कार्यों के लिए आवश्यक इंतजाम करने के लिए कहा, ताकि शीघ्र पानी की निकासी हो सके। कैथून में गुरुवार से सेना के जवान राहत कार्य में लगे हुए हैं। चार दर्जन से अधिक जवानों ने बाढ़ में फंसे सैंकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इस दौरान पीड़ति लोगों को हजारों खाने के पैकेट भी बांटे गए हैं। भारी बारिश से चंबल नदी पर बने सभी बांध लबालब हो गए। शुक्रवार को कोटा बैराज के तेरह गेट पांच-पांच फुट तक खोलकर नब्बे हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई।
 
झालावाड़ जिले के कई गांव टापू बने:भारी बारिश के कारण झालावाड़ जिले के कई गांव टापू बने गए, जिससे कई गांवों तथा कस्बों में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। भारी बारिश के चलते निचली बस्तियां जलमग्न हो गई। कालीसिंध नदी उफान पर आ गई और उसका पानी झालावाड़ शहर तक पहुंच गया। कालीसिंध बांध के करीब एक दर्जन गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। इसी तरह प्रतापगढ़ में पिछले तीन दिन से भारी बारिश का दौर चल रहा है जिससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया और सोलह के बाद सत्रह अगस्त को भी स्कूल बंद करने की घोषणा की गई है। जलमग्न क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीमें राहत कार्यों में लगी हुई है। बारां जिले में भी लगातार बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर हैं। गुरुवार को एक यात्री बस सड़क पर बरसाती पानी के बीच रात भर फंसी रही। बचाव कार्य शुरु कर यात्रियों को बचाया गया।
 
बूंदी जिले में भी बाढ़ का कहर:बूंदी एवं टोंक जिले में भी भारी बारिश के कारण कई निचले क्षेत्रों में पानी भर गया। कोटा की चंद्रलोई नदी में उफान के बाद पानी खेडारसूलपुर गांव के आरामपुरा बस्ती में घुस गया। इससे नदी के पानी फंसे लोगों को बचाव दल ने बचाया, जबकि हाथिखेड़ा गांव में पानी के बीच फंसे सात-आठ लोगों को पानी के बाहर निकाला गया। अच्छी बरसात के कारण टोंक जिले में संग्राम सागर पर करीब बीस साल बाद चादर चली। वहीं नगरफोर्ट के तालाब एवं मांडकला सरोवर भी लबालब हो गए। इसके अलावा मारवाड़ के पाली शहर में भी बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। पाली शहर में पिछले चौबीस घंटों में हुई मूसलाधार बरसात के कारण निचले क्षेत्र जलमग्न हो गए, जिससे घरों में पानी घुस गया। नयागांव पठान कॉलोनी बीआर बिड़ला स्कूल रोड पर दो-तीन फुट पानी बहा जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। मौके पर पहुंचे राहत दल के द्वारा पानी निकासी के प्रयास किए जा रहे हैं।
 
एक दर्जन से अधिक ट्रेनें प्रभावित:भारी बरसात के कारण पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन के पास पटरी के पास से मिट्टी गिट्टी निकल जाने से रास्ता बन्द हो गया। इस कारण बान्द्रा बीकानेर, नांदेड़ हिसार, सिकंदराबाद हिसार का मार्ग अजमेर हो कर कर दिया। जोधपुर में भारी बरसात के कारण रेलमार्ग बन्द होने से एक दर्जन से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुई। राज्य में पिछले दो दिन से रुक-रुककर विभिन्न स्थानों पर मूसलाधार बरसात के कारण इन जिलों के अलावा राजधानी जयपुर तथा जोधपुर एवं नागौर जिलें में भी अच्छी बरसात का दौर जारी है।
 
उदयपुर के कोटड़ा में दंपत्ति की मौत:उधर उदयपुर के कोटड़ा में शुक्रवार को बारिश से एक कच्चा मकान ढह गया जिससे एक दंपत्ति की मौत हो जाने की खबर है। बारां जिले के केलवाड़ा में गुरुवार को बहे व्यक्ति का शव भी मिल गया। अच्छी बरसात के कारण राजधानी जयपुर सहित कई जिलों की प्यास बुझाने वाला टोंक जिले में स्थित बीसलपुर बांध में पानी की अच्छी आवक हो गई और उसका जलस्तर बढ़कर 313.92 आर एल मीटर पहुंच गया है।
 
बारां जिले में नदिया एवं नाले उफान पर:बारां के अटरू क्षेत्र में लगातार बारिश से परवन, पार्वती, ल्हासी, भूपसी, नदिया एवं नाले उफान पर है। इसी तरह भीलवाड़ा जिले में भी मूसलाधार वर्षा से जिले में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया और माण्डलगढ के मानपुर मे बाढ़ के हालात बन गए। मौके पर राहत एवं बचाव दल पहुंचे है। इससे जिले के 21 बांध लबालब हो गए है और नदी बांधों के उफान पर होने से कई गांवों के सड़क संपर्क टूट गए है। पिछले चौबीस घंटों में सर्वाधिक काछोला में दस इंच बरसात हो चुकी है।
 
भारी बारिश के चलते स्कूलों में अवकाश:इसी तरह इस दौरान माण्डलगढ नौ, बिजौलिया में आठ, माण्डल में सात तथा भीलवाड़ा मे छह इंच वर्षा रिकार्ड की गई। जिले में शुक्रवार को भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहा। भारी वर्षा के कारण कोटा, झालावाड़, भीलवाड़ा, बारां, बूंदी, प्रतापगढ़ एंव जोधपुर जिले में स्कूलों में अवकाश की घोषणा की गई। मौसम विभाग ने अगामी दो-तीन दिनों में अजमेर, अलवर भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौडग़ढ़, दौसा, धौलपुर करौली, कोटा राजसमंद, सिरोही, टोंक, जोधपुर, नागौर एवं पाली में भारी से भारी बारिश की चेतावनी दी है।

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