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रंग लाए प्रयास : प्रतिष्ठित स्कूलों में नि:शुल्क पढ़ रहे गरीब बच्चे

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रंग लाए प्रयास : प्रतिष्ठित स्कूलों में नि:शुल्क पढ़ रहे गरीब बच्चे्रशैक्षिक नवाचारों पर प्रतापगढ़ राज्यभर में अव्वलप्रतापगढ़. देवनारायण गुरूकुल योजना के तहत प्रदेश के उच्च प्रतिष्ठित विद्यालय में जिले के 310 पिछली जाति के गरीब विद्यार्थियों का चयन हुआ है। जिला प्रशासन के शैक्षिक योजना पर किए गए नवाचारों के कारण प्रतापगढ़ जिला अव्वल रहा है और राज्य स्तरीय मेरिट के आधार पर गुरुकुल योजना में राज्य में सर्वाधिक 443 छात्रा-छात्राएं परीक्षा में सम्मिलित हुए और जिले से सर्वाधिक 176 छात्रा-छात्राओं का चयन हुआ है।योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्रा-छात्राओं के शैक्षिक विकास के लिए चयनित विद्यालयों का नियमानुसार गुणात्मक शिक्षा एवं स्वच्छ आवास एवं बिस्तर, भोजन, पोषाक, पाठ्य पुस्तके एवं लेखन सामग्री आदि नि:शुल्क सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है। योजना के तहत चयनित प्रत्येक छात्रा-छात्राओं पर अधिकतम 50 हजार रूपये या विद्यालय द्वारा व्यय की गई वास्तविक राशि दोनो में जो भी कम हो का पुनर्भरण राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक डॉ. शांतिलाल शर्मा ने बताया कि जिला कलक्टर श्यामसिंह राजपुरोहित ने इस योजना पर विशेष ध्यान देने व शिक्षा के क्षेत्रा में किए गए नवाचारों से प्रतापगढ़ जिले से सर्वाधिक 176 छात्रा-छात्राओं का चयन हुआ है। जिले के 2 विद्यालयों में प्रवेश के लिए 500 छात्रा-छात्राओं के चयन के लिए जून माह में प्रत्येक जिला मुख्यालय पर परीक्षा आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस योजना के तहत जिले की समंदभद्र उच्च माध्यमिक विद्यालय नन्दनवन धरियावद का चयन किया गया है जिसमें 301 व ट्रिनेटी उमावि दलोट में 169 छात्रा-छात्राएं विभिन्न कक्षाओं में अध्ययनरत है और कई छात्रा-छात्राएं राज्य के अन्य जिले में अध्ययनरत है।जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अलग-अलग विशेष पूर्व मैट्रिक छात्रावृति योजना में भी लाभांवित किया जा रहा है।उल्लेखनीय है कि जिले की चयनित दो उच्च प्रतिष्ठित विद्यालयों में कक्षा 6 में प्रवेश के पश्चात छात्रा-छात्राएं 12वीं कक्षा तक अध्ययन कर सकते हैं। 6 से 12वी तक नि:शुल्क सुविधाएक बार प्रवेश के पश्चात बच्चे को कक्षा 12वीं तक के लिए नि:शुल्क अध्ययन की सुविधा मिलती है। जिसमें राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक बच्चे पर 50, 000/रूपया वार्षिक खर्च किया जाता है। इसमें बच्चें को आवास के साथ खाना-पीना, ठहरना , पाठयपुस्तक, युनिफार्म आदि की नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन बच्चे को निरन्तर उत्तीर्ण होना आवश्यक है। ये है चयन का आधारयोजनान्तर्गत चयन के लिए कक्षा पांचवी के विद्यार्थी इसमें शामिल होते है। जो कम से कम सी ग्रेड तक अंक प्राप्त हो। जिनको कक्षा पांचवी स्तर तक के पाठ्यक्रमानुसार प्रश्नपत्र हल करना होता है। तत्पश्चात मेरिट के आधार पर चयन होता है। इनको मिलता है प्रवेशयोजना में लाभ प्राप्त करने के लिए एससी/एसटी वर्ग के अभ्यर्थी का राजस्थान का मूल निवासी होना आवश्यक है। साथ ही माता पिता आयकर दाता नहीं हो। तथा एक दम्पति की सर्वाधिक दो संताने ही इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकती है।वरदान बनी योजनाराज्य सरकार की इस अनुठी योजना से अब तक सैकड़ों निर्धन परिवारों के होनहार बच्चे लाभान्वित हो चुके है। एक बार बच्चें को प्रवेश प्राप्त होने के बाद अभिभावकों को बच्चें के अध्ययन संबंधी सभी प्रकार की चिंताओं से मुक्ति मिल जाती है।

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