- Advertisement -
Home News फ़िल्म उद्योग के ख़िलाफ़ बड़ी साजिश?

फ़िल्म उद्योग के ख़िलाफ़ बड़ी साजिश?

- Advertisement -

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने बॉलीवुड की कई हस्तियों को समन भेजा था और पूछताछ जारी है. शनिवार 26 सितंबर को एनसीबी ने एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण से करीब 6 घंटे पूछताछ की और इस दौरान अभिनेत्री ने मैनेजर के साथ हुई चैट को स्वीकार किया.
दीपिका पादुकोण वह कौन-सा राज उगल देगी जो नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी एनसीबी को नहीं पता? ममता कुलकर्णी ने 30 साल पहले जो बताया था उससे अलग क्या खुलासा होगा? संजय दत्त ने 1993 में 9 साल तक ड्रग्स में डूबे रहने की जो बात कबूली थी क्या उससे भी बड़ी बात सामने आएगी? बीजेपी के कद्दावर नेता रहे प्रमोद महाजन के पुत्र राहुल महाजन 14 साल पहले जो कुछ बता चुके हैं उससे बढ़कर कोई खुलासा होने जा रहा है?
बता दें कि अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और उनकी मैनेजर करिश्मा प्रकाश की व्हाट्सएप चैट सामने आई थी, जिसके आधार पर एनसीबी ने अभिनेत्री को समन भेजा था. इसके साथ ही एनसीबी ने अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह, सारा अली खान, श्रद्धा कपूर और डिजाइनर सिमोन खंबाटा को भी तलब किया था. सारा अली खान और श्रद्धा कपूर से एनसीबी पूछताछ की जा रही है.
जाँच में जो खुलासे हो रहे है उन सभी में सुशांत सिंह राजपूत के भी ड्रग्स लेने की बात सामने आ रही है. इसके साथ ही करण जौहर की कंपनी धर्मा प्रोडक्शन के कार्यकारी निर्माता क्षितिज प्रसाद को भी एनसीबी ने गिरफ़्तार कर लिया है. ऐसा नहीं है कि पहली बार फ़िल्म इंडस्ट्री की हस्तियों के ड्रग्स लेने की बातें सामने आ रही हैं. सुशांत सिंह राजपूत की हत्या या आत्महत्या की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ पाई है. इस केस को सीबीआई को सौंपा गया था, लेकिन इसमें जाँच और पूछताछ सिर्फ एनसीबी ही कर रही है.
सीबीआई अब तक इस केस में कुछ भी ठोस नहीं तलाश पाई. इस वजह से सुशांत सिंह राजपूत के परिवार में ख़ासी नाराज़गी भी है. गुरुवार को सुशांत सिंह के परिवार के वकील विकास सिंह ने कहा, परिवार को कुछ दिनों से ये अहसास हो रहा है कि इस जाँच को ग़लत दिशा में ले जाया जा रहा है. इस तरह के मामलों में ज़्यादातर सीबीआई बयान जारी करती है. लेकिन इस मामले में आज तक एक भी प्रेस स्टेटमेंट उसकी तरफ़ से नहीं आया है. यह एक गंभीर बात है. उन्होंने क्या पाया है क्या नहीं पाया है कम से कम इसका तो ख़ुलासा करें.
वकील विकास सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में देरी की जा रही है. ड्रग से जुड़े मामलों में फ़िल्म इडस्ट्री के लोगों का नाम आने को लेकर उन्होंने कहा कि जाँच एजेंसिया मुंबई पुलिस की तरह ही सितारों की परेड करवा रही हैं. उन्होंने आगे कहा. सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या को हत्या में बदलने का फ़ैसला लेने में सीबीआई की देरी से निराश हूँ. एम्स टीम का हिस्सा रहे डॉक्टर ने मुझे बहुत पहले ही बता दिया था कि मेरे द्वारा भेजी गई तसवीरें बताती हैं कि इसकी मौत गला घोंटने से हुई, आत्महत्या से नहीं.
बॉलीवुड को ख़त्म करने की साजिश?
किसी और दिशा में चल रही जाँच कहीं और जा चुकी है, इस तरह से बॉलीवुड भी दो खेमों में बँट चुका है. एनसीबी द्वारा कई बड़ी हस्तियों को समन भेजा जा चुका है और कई लोगों से लगातार पूछताछ भी की जा रही है. इस पूरे मामले में शिवसेना नेता संजय राउत ने अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा- एनसीबी का काम देश के बाहर से आने वाले ड्रग के बड़े-बड़े कनसाइनमेंट को पकड़ना और उसकी जड़ तक पहुँचकर उसे ख़त्म करना है. लेकिन अभी एनसीबी क्या कर रही है? इंडस्ट्री को ख़त्म करने की साजिश जारी है.
उन्होंने आगे कहा, अभी एनसीबी एक-एक आदमी को पकड़कर पूछताछ कर रही है, ऐसा लगता है कि बॉलीवुड में आजकल कोई फ़िल्म नहीं बन रही है, कोई संगीत नहीं तैयार हो रहा, कोई स्क्रिप्ट नहीं लिखी जा रही, सब सिर्फ ड्रग्स ले रहे हैं. इस तरह से इंडस्ट्री को बदनाम करने और उसे ख़त्म करने की कोशिश हो रही है. संजय राउत ने सुशांत सिंह केस पर भी सवाल उठाये और कहा, सुशांत केस में सीबीआई के हाथ कुछ नहीं लगा, इसलिए एनसीबी से जांच शुरू करा दी गई.
सुशांत के मामले में जाँच कहाँ तक पहुंची है यह भी मालूम होना चाहिए. सुशांस सिंह राजपूत केस के चलते एनसीबी ड्रग्स मामले की जाँच कर रही है और इस कारण कई पुराने वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इसके साथ ही फ़िल्म निर्माता करण जौहर के घर हुई साल 2019 में पार्टी का भी वीडियो वायरल हो रहा था. इसमें कई बॉलीवुड हस्तियाँ मौजूद थीं. ऐसा कहा जा रहा था कि इस पार्टी में ड्रग्स का सेवन किया गया था.
इस मामले में करण जौहर ने अब अपनी चुप्पी तोड़ी है और कहा-  कुछ समाचार चैनलों, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक्स मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर यह ग़लत ख़बर चलाई जा रही है कि क्षितिज प्रसाद और अनुभव चोपड़ा मेरे सहयोगी हैं. मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि मैं इन व्यक्तियों को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता हूं और इन दोनों में से कोई भी मेरा सहायक या क़रीबी सहयोगी नहीं है.
अनुभव चोपड़ा कंपनी धर्मा प्रोडक्शंस में कर्मचारी नहीं थे, हालांकि उन्होंने 2011 और 2013 के बीच स्वतंत्र रूप से कंपनी के साथ दो प्रोजेक्ट पर काम किया था. करण ने कहा कि क्षितिज रवि प्रसाद नवंबर 2019 में धर्मा प्रोडक्शंस से जुड़ी कंपनी धर्मा इन्टरटेनमेंट से जुड़े थे, जो एक प्रोजेक्ट के लिए कांट्रैक्ट बेसिस पर एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर्स में से एक थे. न तो मैं और न ही धर्मा प्रोडक्शंस इसके लिए ज़िम्मेदार है कि लोग अपने निजी जीवन में क्या करते हैं. ये आरोप धर्मा प्रोडक्शंस से संबंधित नहीं हैं.
करण ने पिछले साल जुलाई में अपने घर पर हुई पार्टी में ड्रग्स के सेवन की ख़बरों का खंडन किया और कहा- 28 जुलाई 2019 को अपने घर पर जो पार्टी दी थी, उसमें ड्रग्स का सेवन नहीं किया गया था. मैंने 2019 में ही यह स्पष्ट कर दिया था कि ये आरोप फ़र्जी हैं. अब दोबारा चलाए जा रहे इस अभियान को देखते हुए मैं फिर से यह कहता हूँ कि ये आरोप निराधार और झूठे हैं. उस पार्टी में किसी भी ड्रग्स का सेवन नहीं किया गया था.
करण जौहर द्वारा मीडिया रिपोर्ट्स को ग़लत बताये जाने के बाद उनका कई लोगों ने समर्थन किया. इसके साथ ही लेखक व गीतकार जावेद अख़्तर ने मीडिया पर तंज कसते हुए कहा, अगर करण जौहर ने अपनी पार्टी में कुछ किसानों को भी बुला लिया होता तो हमारे टीवी चैनल्स के लिए जिंदगी आसान हो जाती। उन्हें किसानों के प्रदर्शन और करण की पार्टी में से एक को चुनना नहीं पड़ता. ऐसा लगता है कि करण की पार्टी हमारे चैनल्स की दूसरी सबसे फेवरेट ‘पार्टी’ है.

If Karan johar had invited some farmers too for his party life would have been easier for our TV channels.They would not have had to choose between farmers protest and Karan’s party!. it seems that Karan’s do is the second most favourite PARTY of our channels
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) September 25, 2020

बता दें कि 14 जून को सुशांत सिंह राजपूत अपने घर में फंदे से लटके हुए पाये गये थे. इसके बाद इस केस की जाँच तब शुरू हुई थी जब दिवंगत एक्टर के परिवार ने एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती पर सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने व उनके खाते से पैसे निकालने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था. सीबीआई और ईडी इस केस में जाँच कर रहे थे.
रिया चक्रवर्ती के मोबाइल से एक पुरानी वॉट्सऐप चैट सामने आई, जिसके बाद यह दावा किया गया था कि रिया से लेकर सैमुअल मिरांडा और बाक़ी लोग सुशांत के लिए ड्रग्स खरीदते थे. इसके बाद से इस केस में एनसीबी अपनी जाँच कर रही है और रिया चक्रवर्ती उनके भाई शौभिक चक्रवर्ती और सैमुअल मिरांडा अब तक जेल में ही है.
The post फ़िल्म उद्योग के ख़िलाफ़ बड़ी साजिश? appeared first on THOUGHT OF NATION.

Advertisement




Advertisement




- Advertisement -
- Advertisement -

Stay Connected

16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe

Must Read

नीतीश पर तेजस्वी और चिराग का फिर हमला

बिहार विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सियासी ज़मीन खोखली करने में जुटे एलजेपी मुखिया चिराग पासवान ने अब शराबबंदी को लेकर उन...
- Advertisement -

सुसाइड केस में थानेदार बेटे पर ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप, उठी सुसाइड नोट की जांच की मांग

सीकर. राजस्थान के सीकर जिले के खंडेला कस्बे के होद गांव में सूदखोरी से परेशान होकर जोबनेर के थानाधिकारी के पिता की आत्म...

एक्शन में ठाकरे, बीजेपी आईटी सेल के सदस्य को दबोचा

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में जब से महा विकास अघाडी की सरकार बनी है, मुख्यमंत्री और उनके बेटे आदित्य ठाकरे के ख़िलाफ़ वही प्रचार...

लोन नहीं चुकाने वाले किसानों की भूमि होगी नीलाम

सीकर. जिले में भूमि विकास बैंक के ओवर ड्यू लोन को नहीं चुकाने वाले किसानों की रहन रखी भूमि को कुर्क करने की...

Related News

नीतीश पर तेजस्वी और चिराग का फिर हमला

बिहार विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सियासी ज़मीन खोखली करने में जुटे एलजेपी मुखिया चिराग पासवान ने अब शराबबंदी को लेकर उन...

सुसाइड केस में थानेदार बेटे पर ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप, उठी सुसाइड नोट की जांच की मांग

सीकर. राजस्थान के सीकर जिले के खंडेला कस्बे के होद गांव में सूदखोरी से परेशान होकर जोबनेर के थानाधिकारी के पिता की आत्म...

एक्शन में ठाकरे, बीजेपी आईटी सेल के सदस्य को दबोचा

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में जब से महा विकास अघाडी की सरकार बनी है, मुख्यमंत्री और उनके बेटे आदित्य ठाकरे के ख़िलाफ़ वही प्रचार...

लोन नहीं चुकाने वाले किसानों की भूमि होगी नीलाम

सीकर. जिले में भूमि विकास बैंक के ओवर ड्यू लोन को नहीं चुकाने वाले किसानों की रहन रखी भूमि को कुर्क करने की...

कोरोना से उबरा बाजार: तीन मॉल के साथ शहर में खुले 80 से ज्यादा नए प्रतिष्ठान

सीकर. कहते हैं संकट के दौर में भी संभावनाएं और अवसर समाहित होते हैं। बाजार के लिए कोरोना काल भी ऐसा ही चुनौती...
- Advertisement -