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Home News एक ऐसा मुस्लिम घर जिसपर वर्ष 1947 से फहराया जा रहा तिरंगा

एक ऐसा मुस्लिम घर जिसपर वर्ष 1947 से फहराया जा रहा तिरंगा

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अजमेर (Ajmer). आजादी के जश्न देशभर में धूमधाम से मनाया गया। हर धर्म, मजहब के लोगों ने आजादी के पर्व स्वाधीनता दिवस (Independence Day) पर तिरंगे लहराकर खुशी मनाई। अजमेर में एक ऐसा मुस्लिम परिवार है जो देश की आजादी (1947) के बाद से आज तक हर वर्ष स्वाधीनता दिवस (Independence Day) पर झंडारोहण करता है। सबसे पहले वर्ष 1947 में पिता पीरखान उर्फ पीर बक्श ने तिरंगा फहराना प्रारंभ किया और इनके इंतकाल के बाद वर्ष 1946 से हाजी चांद खान अपनी मां के आदेश के बाद खुद तिरंगा झंडा फहराते हैं।अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के पास अंदरकोट क्षेत्र में स्थित इस मकान (House)पर स्वाधीनता दिवस (Independence Day) पर झंडारोहण किया गया। तिरंगा फहराने के साथ ही घर की छत पर ही राष्ट्रगान कर मिठाई वितरित की गई। उनके साथ परिवार के लोग एवं आसपास के बच्चे, युवा, लोग भी शामिल हुए। हाजी चांद खान ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि आजादी का पर्व पूरे भारत में उत्साह व जोश के साथ मनाया जाता है। हिन्दुस्तान में इसी तरह तिरंगा लहराता रहे, सभी की यही भावना है। पूरे विश्व में हिन्दुस्तान का नाम रोशन हो। उन्होंने बताया कि जब देश आजाद हुआ, अंग्रेजों की गुलामी से देश मुक्त हुआ तो पहले स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में सरकारी कार्यालयों, दफ्तरों के साथ लोगों ने भी तिरंगा झंडा फहराया। उनके पिता पीर खान उर्फ पीर बक्श ने अपने मकान/घर के ऊपर झंडारोहण किया। जब तक वे जिंदा रहे स्वाधीनता दिवस, गणतंत्र दिवस दोनों मौकों पर झंडारोहण किया जाता। वर्ष 1964 में पहली बार उनकी मां के कहने पर उन्होंने झंडा फहराया, जो लगातार जारी है। पीर बक्श अंदर कोटियान पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि झंडारोहण के बाद हिन्दुस्तान (Hindusthan) जिन्दाबाद, भारत माता की जय के जयकारे लगाए गए।
तारागढ़ के गेट पर दरोगा लायक हुसैन ने फहराया तिरंगा
इसी तरह अरावली पर्वत शृंखला पर स्थि तारागढ़ के मुख्य द्वार (गेट) पर दरोगा लायक हुसैन ने तिरंगा फहराया। झंडारोहण के दौरान कई लोग मौजूद रहे। प्रतिवर्ष स्वाधीनता दिवस एवं गणतंत्र दिवस पर यहां झंडारोपण किया जाता है।
 

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