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राजस्थान: प्रदेश में सभी थानों के वाहन होंगे मोबाइल डाटा टर्निमल डिवाइस से लैस

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आजकलराजस्थान / श्रीगंगानगर

विकसित देशों की तरह ही राजस्थान की पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए पुलिस वाहनों में मोबाइल डाटा टर्निमल डिवाइस लगाए जा रहे हैं। जिसका अभी प्रदेश के कई जिलों में ट्रॉयल चल रहा है। इस डिवाइस के लगने के बाद वाहन की लोकेशन कंट्रोल की स्क्रीन पर दिखाई देगी। वहीं घटना स्थल के आसपास के अन्य वाहनों को भी उस तरफ भेजा जा सकेगा।
अभी तक तो थानों के पुलिस वाहनों की लोकेशन का पता वायरलैस मैसेज, मोबाइल लोकेशन व जीपीएस सिस्टम से पता किया जाता था लेकिन अब पुलिस इंग्लैंड व अमेरिका की तर्ज पर इनसे भी आधुनिक डिवाइस लगा रही है। केन्द्र की अभय कमांड योजना के तहत जहां शहरों को सीसीटीवी कैमरों से कवर किया जा रहा है। वहीं यह डिवाइस भी पुलिस के वाहनों में लगाया जा रहा है। मोबाइल डाटा टर्निमल डिवाइस कुछ वाहनों में फिट किया गया है। यह वाहन में अधिकारी के बैठने वाली सीट के सामने सेंटर में लगाया गया है, जिससे अधिकारी या चालक की नजर उस बनी रहे।

योजना के तहत प्रत्येक संभाग मुख्यालय पर अभय कमांड कंट्रोल स्थापित किया गया है। संभाग के किसी भी जिले में 100 नंबर डायल करने पर संभाग मुख्यालय पर स्थापित अभय कमांड कंट्रोल पर कॉल पहुंचेगी। यहां कॉल रिसीव करने के बाद पुलिस वाहन में लगे मोबाइल डाटा टर्निमल पर नजदीकी पुलिस वाहन को घटना स्थल पर भेजने के लिए मैसेज आएगा। जहां पुलिस वाहन में बैठा व्यक्ति मैसेज रिसीव करेगा। इस पर उसकी लोकेशन कमांड कंट्रोल में रहेगी। घटना के बारे मे सुनेगा व पढ़ेगा तथा मौके पर पहुंचकर मैसेज भेज देगा।

पुलिस वाहनों में लगाई जा रही दो लाख की डिवाइस- मोबाइल डाटा टर्निमल डिवाइस एक विदेशी की कंपनी की है। जो एक छोटा लैपटॉप जैसा दिखता है। एक पुलिस वाहन में यह डिवाइस लगाने पर करीब दो लाख रुपए का खर्च बैठता है। जिसमें डिवाइस, डिवाइस को फिट करने के उपकरण, वाहन की बैटरी से चार्ज करने का सिस्टम शामिल है। यह डिवाइस का संचालन टच स्टिक से किया जाता है।

श्रीगंगानगर के चार थानों के वाहन में ट्रायल के लिए लगी डिवाइस- अभय कमांड योजना के तहत मोबाइल डाटा टर्निमल डिवाइस यहां शहर के सदर थाना, पुरानी आबादी थाना, कोतवाली थाना व जवाहरनगर थाने की जीपों में लगाया गया है। यह डिवाइस लगाने से पहले संचालित करने वाले पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दी गई थी। जिले के अन्य थानों के वाहनों में डिवाइस लगाने के लिए वहां के पुलिसकर्मियों को संचालन की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह योजना सभी जिलों में चल रही है।

चूरू जिले में सबसे तेज कार्य- अभय कमांड योजना के तहत डिवाइस लगाने का कार्य चूरू में तेजी हुआ है। जहां जिले के सभी थानों के वाहनों में यह लगाया जा रहा है। अभय कमांड कंट्रोल रूम श्रीगंगानगर के प्रभारी गुरतेज सिंह ने बताया कि यह डिवाइस लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। अभी ट्रॉयल के तौर पर यह डिवाइसें लगाई थीं। संचालन कर्ताओं को इसके लिए ट्रेनिंग दी जा रही है।

पुलिस का कहना है- पुलिस वाहनों में यह डिवाइस लगने से रेस्पांस बेहतर मिलेगा और तकनीक के सहारे जनता की बेहतरीन सेवा कर सकेंगे। डिवाइस से घटना स्थल के नजदीक वाहन का पता चलेगा। जिसको समय पर वहां भेजा जा सकेगा। तकनीक के सहारे पुलिस के कार्य में सुधार की कवायद चल रही है।हेमंत शर्मा, पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर

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