- Advertisement -
HomeRajasthan Newsना रंजिश ना कोई विवाद, जमीन बेचने की सूचना पर रुपये लूटने...

ना रंजिश ना कोई विवाद, जमीन बेचने की सूचना पर रुपये लूटने आए, रवि ने रोका तो मारी गोली

- Advertisement -

आजकल राजस्थान / हनुमानगढ़

ना रंजिश ना कोई विवाद, जमीन बेचने से प्राप्त 26 लाख की सूचना के आधार आए थे लूटने, रवि ने रोका तो मारी गोली- पुलिस ने करीब पांच माह बाद सुलझाई रवि मेघवाल की हत्या की गुत्थी – तीन जने गिरफ्तार, अन्य आरोपियों व संदिग्धों की तलाश- जंक्शन के करणी पेट्रोल पम्प पर भी की थी लूट

हनुमानगढ़. शहर के पांच माह से अधिक पुराने बहुचर्चित पलम्बर रवि मेघवाल हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा दी है। हत्या के आरोप में मंगलवार को तीन जनों को गिरफ्तार किया गया। उनमें से दो जनों को बापर्दा गिरफ्तार किया गया है। अब जेल में शिनाख्त परेड कराई जाएगी। इसमें मृतक के परिजन दोनों आरोपियों की पहचान करेंगे। जिला पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत ने मंगलवार को एसपी ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने हत्या के इस मामले के सुलझाने की जानकारी देते हुए कहा कि रवि मेघवाल की आरोपियों से ना कोई रंजिश थी और ना ही कोई विवाद था। जमीन विक्रय के पेटे 26 लाख रुपए मिलने की सूचना के आधार पर अज्ञात आरोपी वह रकम लूटने आए थे। जब उनका रवि मेघवाल ने प्रतिरोध किया तो एक जने ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। एसपी ने बताया कि हत्या के आरोप में जयपाल उर्फ जेपी (30) राधेश्याम वाल्मीकि निवासी वार्ड एक, ऐलनाबाद, निर्देश बिश्नोई (24) पुत्र अजयपाल इसरवाल निवासी वार्ड, संगरिया तथा राजेन्द्र कुमार उर्फ राजू बिश्नोई पुत्र ओमप्रकाश बिश्नोई निवासी 23 बिश्नोइयों का बास, रावतसर को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से दो की पहचान विधिवत करवाने के लिए उनको बापर्दा रखा गया है। आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जाएगा। वहां शिनाख्त परेड होने के बाद उनको प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर उनसे अन्य लोगों की संलिप्तता व तलाश को लेकर पूछताछ की जाएगी।दो बार आए लूटने, पेट्रोल पम्प भी लूटा एसपी रावत ने बताया कि रैकी करने के बाद 19 दिसम्बर 2018 को जयपाल, लखविन्द्र सिंह, जगसीर सिंह व निर्देश बिश्नोई शाम के समय रवि मेघवाल के घर आए। उस समय रवि व उसके पिता घर पर नहीं थे। महिलाओं ने अनजान व्यक्तियों को घर में प्रवेश नहीं करने दिया। हंगामा हुआ तो वे लौट गए। जाते समय संगरिया रोड स्थित करणी पेट्रोल पम्प पर सेल्समैन को पिस्तौल दिखाकर नकदी व उसका मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। इस दौरान हवाई फायर भी किए। पुलिस ने इनका पीछा भी किया। मगर वे हत्थे नहीं चढ़े। इस विफल प्रयास के बाद चारों अपराधी 26 दिसम्बर 2018 को पुन: रवि मेघवाल के घर आए। घर में घुसने का प्रयास किया तो परिजनों ने प्रतिरोध किया। इससे घबराकर वे कार में सवार होकर भागने लगे तो रवि मेघवाल ने उनकी कार रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कार सवार आरोपी ने उसे पिस्तौल से गोली मार दी। रवि मेघवाल के परिजनों ने इस बात की पुष्टि की है कि 19 दिसम्बर को जो अपराधी आए थे, उन्होंने ही 26 दिसम्बर की वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों की पहचान के बाद पुलिस टीम ने जयपाल, निर्देश बिश्नोई व राजू बिश्नोई को दस्तयाब कर उनसे कड़ी पूछताछ की। वारदात को अंजाम देना स्वीकारने के बाद उनको गिरफ्तार कर लिया गया।

लूट की योजना से पहले रैकी

पुलिस के अनुसार 5 नवम्बर 2018 को रवि मेघवाल के पिता पृथ्वीराज मेघवाल ने 26 लाख में अपनी जमीन बेची थी। इसकी रजिस्ट्री आदि तलवाड़ा में हुई। ऐलनाबाद निवासी आरोपी जयपाल उर्फ जेपी तलवाड़ा व टिब्बी क्षेत्र में आवागमन करता रहता था। उसे पता चला कि जंक्शन की ढिल्लो कॉलोनी निवासी पृथ्वीराज मेघवाल के पास भूमि विक्रय के पेटे मिले 26 लाख नकद हैं तो उसने शातिर अपराधी जगसीर सिंह, लखविन्द्र सिंह, निर्देश बिश्नोई तथा राजू बिश्नोई से मिलकर लूट की योजना बनाई। फिर रवि मेघवाल के मकान की पहचान कर रैकी की।

टाउन में ली थी शरण

पुलिस की विशेष टीम ने मृतक रवि मेघवाल के परिजनों से अपराधियों के चेहरे, शारीरिक बनावट, वार्तालाप आदि के बारे में जानकारी एकत्र की। फिर विशेषज्ञों से संदिग्धों के स्कैच तैयार करवाए। इन स्कैच का मिलान पजांब के शातिर अपराधी जगसीर सिंह उर्फ सीरा (26) पुत्र सरजीतसिंह जटसिख निवासी भेखा, पजांब से हुआ। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि जगसीर सिंह उर्फ सीरा व उसके साथी पजांब में वांछित होने के कारण दिसम्बर 2018 से फरवरी 2019 तक टाउन क्षेत्र में शरण लिए हुए थे। इसमें उनका कुछ स्थानीय लोगों ने सहयोग किया था। तकनीकी जानकारियों के साथ सीसीटीवी फुटेज में भी जगसीर सिंह उर्फ सीरा व दो अन्य की पहचान हुई।कई अफसर ने महीनों की पड़तालइस बहुचर्चित मामले को खोलने के लिए पुलिस के कई अफसरों ने महीनों तक पड़ताल की। प्रकरण के खुलासे में देरी के चलते पुलिस पर निरंतर दबाव बढ़ रहा था। डीवाईएफआई के प्रदेशाध्यक्ष जगजीतङ्क्षसह जग्गी तथा माकपा नेताओं के नेतृत्व में कई बार जंक्शन थाने व कलक्टर के समक्ष धरना लगाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसको देखते हुए आईजी डॉ. बीएल मीणा ने पुलिस की विशेष जांच टीम गठित की। इसमें एएसपी चंद्रेश गुप्ता, डीएसपी अन्तरसिंह श्योराण, डीएसपी निहाल सिंह, जंक्शन थानाधिकारी अरविन्द भारद्वाज, टाउन थानाधिकारी अरुण चौधरी, घटना के समय जंक्शन एसएचओ हाल भादरा थानाधिकारी पुष्पेन्द्र झाझडिय़ा, अपराध सहायक धीरेन्द्र सिंह, सदर थानाधिकारी राजाराम, लखवीर सिंह, एएसआई शंभुदयाल स्वामी, हैड कांस्टेबल कमलजीत सिंह, साइबर सैल के हैड कांस्टेबल वाहेगुरु व रिछपाल सिंह, कांस्टेबल महंगासिंह, पुरुषोत्तम व कृष्ण कुमार शामिल रहे।

- Advertisement -
- Advertisement -
Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
- Advertisement -
Related News
- Advertisement -