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दुष्कर्म का केस दर्ज करने में देरी करने वाले पुलिस अफसराें के खिलाफ हाेगा मुकदमा, 2 साल तक की सजा हो सकती है

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जयपुर.पति को बंधक बना पत्नी के साथ गैंग रेप करने के आराेपियाें के साथ अब एसपी राजीव पचार समेत लापरवाह पुलिसकर्मियाें की मुश्किल बढ़ जाएंगी। प्राथमिक जांच रिपाेर्ट मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने दुष्कर्म का केस दर्ज नहीं करने के आराेप में एसपी व एसएचओ समेत पांच पुलिसकर्मियाें के खिलाफ आईपीसी की धारा 166ए(सी) के तहत मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर ली है। आईपीसी की धारा 166ए(सी) केे तहत दाेष साबित हाेने पर 2 साल तक की सजा का प्रावधान है।ये भी पढ़ेंपुष्कर घूमने आए युवती से होटल में टूरिस्ट गाइड ने किया दुष्कर्म, सिविल लाइंस थाने में केस दर्जइस घटना के बाद पुलिस मुख्यालय ने पहली दफा बड़ा निर्णय लिया है। अब पुलिस मुख्यालय काे अगर किसी भी थाने में मुकदमा दर्ज नहीं करने काेई परिवादी की शिकायत मिलेगी ताे जिम्मेदार अधिकारियाें के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इन अादेशाें की पालना कराने के लिए गृह विभाग के अधिकारियाें के साथ में चर्चा की जा रही है।तत्काल रिपाेर्ट दर्ज नहीं करने पर दाेषी हाेता है जिम्मेदार अधिकारीआईपीसी की धारा 326ए, 326बी, 354, 354बी, 370, 370ए, 376, 376ए, 376बी, 376सी, 376डी व 376ई और 509 के तहत दर्ज हाेने वाले अपराधाें की रिपाेर्ट तत्काल दर्ज नहीं करने पर जिम्मेदार अधिकारी आईपीसी की धारा 166ए(सी) के तहत दाेषी हाेता है। अधिकतम दाे साल और कम से कम छह माह तक की सजा होगी। सीआरपी 36 के तहत थाने के एसएचओ से बड़े अधिकारी भी एसएचओ ही हाेते है। ऐसे में उच्च अधिकारी भी इतने दाेषी हाेते है।दुष्कर्म के ऐसे ही मामले में पुलिसपहले ही दर्ज कर चुकी है मुकदमाआईपीसी की धारा 166, 166ए और 166ए(सी) में नाममात्र के केस दर्ज हुए हैं। 166 के तहत महिला, बच्चे व बुजुर्गों काे थाने बुलाने पर मुकदमा केस हाेता है। 166ए में गलत अनुसंधान करने पर अधिकारी पर केस हाेता है। तीनाें धाराओं में दर्ज मुकदमों का रिकाॅर्ड पुलिस मुख्यालय में भी अलग से नहीं है। वर्ष 2017 में पहली दफा मुकदमा दर्ज नहीं करने पर जिम्मेदार पुलिसकर्मियाें के खिलाफ दुष्कर्म पीड़िता ने ही मुकदमा दर्ज कराया था।डीजीपी कपिल गर्ग से सवाल- : परिवादी का मुकदमा दर्ज नहीं हाेता है ताे क्या पुलिसकर्मियाें के खिलाफ आईपीसी की धारा 166ए(सी) के तहत मुकदमा दर्ज कराेगे?डीजीपी कपिल गर्ग :जिम्मेदाराें पर केस के लिए अफसरों के साथ चर्चा कर रहे हैं। निर्णय हाेने के बाद परिवादी शिकायत करेगा ताे जिम्मेदार के खिलाफ तत्काल मुकदमा हाेगा।सवाल : क्या अलवर मामले में लापरवाह पुलिसकर्मियाें और एसपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हाेगा?जवाब : एक बार प्राथमिकी जांच रिपाेर्ट मिल जाए।सवाल : डिकाॅय ऑपरेशन भी कराए, काेई फर्क नहीं पड़ा?जवाब : थाना स्तर पर लापरवाही होती है, सख्ती करेंगे।

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