- Advertisement -
HomeRajasthan Newsगहलोत जी ने मेरी इच्छा के खिलाफ दिलाया बेटे को टिकट:-राहुल गांधी

गहलोत जी ने मेरी इच्छा के खिलाफ दिलाया बेटे को टिकट:-राहुल गांधी

- Advertisement -

आजकल राजस्थान / जयपुर।

लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस को मिली करारी शिकस्त के बाद शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई। एक अंग्रेजी अखबार के अनुसार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी  ने इस बैठक में मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ , राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के खिलाफ नाराजगी जताई है। इस नाराजगी की वजह से उन्होंने अपने इस्तीफे की पेशकश भी की थी, जिसे कमेटी ने मंजूर नहीं किया। ये भी बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस बैठक में काफी नाराज दिखाई दिए थे।
बेटों का ज्यादा ध्यान रखा -राहुल ने कहा है कि कमलनाथ, अशोक गहलोत और पी चिदंबरम जैसे कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने अपने बेटों को पार्टी के हितों से ऊपर तरजीह दी है। राहुल गांधी ने कहा- इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में बहुत ही खराब प्रदर्शन किया है जबकि यहां पांच महीने पहले पार्टी की जीत हुई है और हमारी सरकार बनी है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने उनकी इच्छा के खिलाफ अपने बेटों को टिकट दिलाने की ज़िद की थी और टिकट दिलवाया।

सिंधिया ने उठाया था सवाल

कांग्रेस कमेटी की बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि हमें स्थानीय स्तर पर मजबूत नेताओं की जरूरत है। सिंधिया की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा- कमलनाथ ने पार्टी से ज्यादा अपने बेटे के हित को ध्यान में रखा है। इसके साथ ही राहुल ने कहा- पार्टी के नेता उनके उठाए मुद्दों को आगे ले जाने में नाकामयाब रहे।

जोधपुर से हारे गहलोत के बेटे, छिंदवाड़ा से जीते हैं कमलनाथ के बेटे राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने जोधपुर संसदीय सीट से अपने बेटे वैभव गहलोत को टिकट दिलाया था। राजस्थान की 25 सीटों में से कांग्रेस एक भी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर पाई। यहां तक कि जोधपुर की सरदारपुरा विधानसभा सीट से भी वैभव को बढ़त नहीं मिली। गहलोत सभी 22 राउंड में नवनिर्वाचित सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत से पीछे रहे थे। अशोक गहलोत ने वैभव गहलोत के लिए प्रदेश के हर स्थान पर जनसंपर्क किया था। यहां वैभव की जीत सीधे अशोक गहलोत की प्रतिष्ठा से जुड़ी थी। वहीं मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ ने छिंदवाड़ा संसदीय सीट से अपने बेटे नकुलनाथ को टिकट दिलाया था। मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस को केवल छिंदवाड़ा में जीत मिली है। हालांकि नकुलनाथ की जीत का अंतर बहुत कम था। छिंदवाड़ा से कमलनाथ नौ बार सांसद रहे। इस बार मध्यप्रदेश का सीएम बनने के बाद उन्होंने अपने बेटे को मैदान में उतारा था। कमलनाथ का ज्यादा फोकस छिंदवाड़ा था। छिंदवाड़ा में उन्होंने कई रैलियां और सभाएं कीं। छिंदवाड़ा में वोटिंग होने के बाद कमलनाथ प्रदेश की अन्य सीटों पर सक्रिय हुए थे।

इस्तीफे की कर चुके हैं पेशकशलोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की है। बता दें कि विधानसभा चुनावों से पहले कमलनाथ को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। उनके ही नेतृत्व में लोकसभा के चुनाव हुए थे। लेकिन लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के कारण अब उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है। कमलनाथ ने प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया के सामने इस्तीफे की पेशकश की है। बताया जा रहा है कि दीपक बाबरिया इस मामले में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ विचार -विमर्श करेंगे। दीपक बाबरिया ने कमलनाथ को राहुल गांधी से विचार-विमर्श करने की सलाह दी है।

कार्यसमिति की बैठक में नहीं पहुंचे थे कमलनाथशनिवार को दिल्ली में कांग्रेस कार्य समिति की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में कार्य समिति के सारे सदस्यों के साथ कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद थे। लेकिन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ इस बैठक में नहीं गए थे। उनके इस बैठक में शामिल नहीं होने के कारण कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

- Advertisement -
- Advertisement -
Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
- Advertisement -
Related News
- Advertisement -