- Advertisement -
HomeRajasthan Newsएक IAS सोशियल मीडिया में कम अंक वाले युवाओं को हौसला दे...

एक IAS सोशियल मीडिया में कम अंक वाले युवाओं को हौसला दे रहा है।शेयर की अपनी 44.5% की मार्क्स सीट

- Advertisement -

आजकल राजस्थान

करीब दो साल पहले बेटी को प्राइमरी स्कूल में पढ़ाने और उसके साथ मिड डे मील खाने को लेकर चर्चा में आए छत्तीसगढ़ के आइएएस अधिकारी अवनीश कुमार शरण ने फेसबुक पर अपनी माक्र्स शीट साझा की है। अवनीश को हाईस्कूल में महज 44.5 प्रतिशत अंक मिले थे। 10वीं बोर्ड परीक्षा में फेल हुए एक छात्र की खुदकुशी से व्यथित होकर आइएएस अवनीश ने फेसबुक पर छात्रों से कहा कि आपके भीतर छिपी काबिलियत आगे कई बेहतरीन मौके देगी।

  • आईएएस अवनीश कुमार शरण ने साझा की अपनी मार्क्सशीट
    10वीं में 44.5 फीसदी, 12वीं में 65 % और स्नातक में 60.7 % नंबर हासिल किए थे।
    —————————-
    परीक्षा में नंबर कम आना या फेल हो जाना आपकी काबीलियत नहीं बताता
    ———————–
    आपके अंदर छिपी काबीलियत आपको आगे कई बेहतरीन मौके देती है।
    —————————-
    परीक्षा में नंबर कम आना या फिर फेल हो जाना यह आपकी काबीलियत को नहीं बताता। यह महज के एक नंबर गेम है। आपके अंदर छिपी काबीलियत आपको आगे कई बेहतरीन मौके देती है। करीब दो साल पहले बेटी को प्राइमरी स्कूल में पढ़ाने और उसके साथ मिड डे मील खाने को लेकर चर्चा में आए प्रदेश के आईएएस अधिकारी अवनीश कुमार शरण ने अब फेसबुक पर अपनी मार्क्सशीट साझा करते हुए यह बातें लिखी हैं। छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा के परिणाम आने के बाद फेल होने पर रायगढ़ में 18 वर्षीय एक छात्र ने आत्महत्या कर ली थी।

कबीरधाम जिले के कलेक्टर अवनीश कुमार शरण 2009 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। 10 मई को परीक्षा परिणाम आने और 11 मई को छात्र के आत्महत्या की खबर पढ़कर उन्होंने फेसबुक पर लिखा, “आज मैंने अखबार में एक चौंकाने वाली खबर पढ़ी कि एक छात्र ने परीक्षा में फेल हो जाने के कारण आत्महत्या कर ली। मैं सभी छात्रों और उनके माता-पिता से अपील करता हूं कि वे परिणाम को गंभीरता से न लें। यह एक नंबर गेम है। आपको अपने कैलिबर को साबित करने के कई और मौके मिलेंगे।”

छात्रों को मोटिवेट करने के उद्देयश्य से आईएएस अफसर ने अपनी कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं, कॉलेज के नंबर भी फेसबुक पर शेयर किए। उन्होंने कक्षा 10वीं में 44.5 फीसदी, 12वीं की परीक्षा में 65 % और स्नातक में 60.7 % नंबर हासिल किए थे। अफसर ने अपने संदेश में यह भी बताया है कि उन्होंने 10वीं की परीक्षा 1996 में, 12वीं की परीक्षा 1998 और स्नातक की डिग्री साल 2002 में पूरी की थी। भले ही अवनीश कुमार शरण के नंबर कम आए हों, लेकिन उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास कर दिखा दिया कि काबिलियत नंबर देखकर नहीं मापी जा सकती।

बेटी को पहले आंगनबाड़ी में पढ़ाया, फिर सरकारी स्कूल में
वर्ष 2017 में पहली बार आईएएस अवनीश कुमार शरण चर्चा में आए थे। बलरामपुर के कलेक्टर रहते हुए उन्होंने बेटी वेदिका का दाखिला सरकारी स्कूल प्रज्ञा प्राथमिक विद्यालय में कराया था। जहां वे उससे अक्सर मिलने जाते थे। वहां पर बेटी के साथ मिड डे मील खाते उनकी फोटो काफी वायरल हुई थी। उनका मानना है कि हमें सरकारी संस्थाओं में यकीन करना चाहिए तभी उनकी हालत सुधर सकती है। इसके पहले उन्होंने वेदिका को आंगनबाड़ी भी भेजा था।

संघर्षों से भरा रहा है आईएएस अवनीश का जीवन
—————–
दरअससल आईएएस अधिकारी अवनीश शरण का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उनके घर में बिजली की सुविधा नहीं थी, इसलिए उन्हें लालटेन की रोशनी में पढ़ाई की थी। मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के केवटा गांव के रहने वाले आईएएस अवनीश के पिता और दादाजी भी शिक्षक थे।
अवनीश कहते हैं कि हमें एक जिंदगी मिलती है और जितना हो सके अच्छे काम करते रहने चाहिए।

कबीरधाम जिले के कलक्टर अवनीश कुमार शरण 2009 बैच के आइएएस अधिकारी हैं। 10 मई को रायगढ़ में 18 साल के छात्र ने दोबारा फेल हो जाने पर खुदकुशी कर ली थी। 11 मई को छात्र के आत्महत्या की खबर पढक़र कलक्टर अवनीश ने फेसबुक पर माता-पिता व छात्रों से अपील की, ‘यह एक नंबर गेम है। आपको अपने कैलिबर को साबित करने के कई और मौके मिलेंगे।’
तेलंगाना में 19 छात्र ले चुके हैं अपनी जानपिछले माह ही आए तेलंगाना में 12वीं के नतीजे के बाद से अब तक करीब १९ छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। छात्रों को प्रोत्साहित करने के मकसद से आइएएस अधिकारी ने अपनी कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं, कॉलेज के नंबर भी फेसबुक पर साझा किए। उन्हें 10वीं में 44.5, 12वीं में 65% और स्नातक में 60.7% नंबर मिले थे।

- Advertisement -
- Advertisement -
Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
- Advertisement -
Related News
- Advertisement -